दस दिन पहले संदिग्ध हालात में गायब हुए पर्ल ग्रुप के डायरेक्टर तरलोचन सिंह के बेटे सुपिंद्र सिंह का शव हरियाणा के अंबाला जिले में नरवाणा क्षेत्र की नहर से मिला है। शव पूरी तरह से गल चुका है। इसके बाद शव को मोहाली लाया गया है। फेज-छह सिविल अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कर उसे मोर्चरी में रखवा दिया गया है।
मटौर पुलिस थाने के एसएचआई व मामले के जांच अधिकारी बलजिंद्र सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी अशनप्रीत कौर के बयानों पर महिला कुलवीर कौर और उसकी बेटी करनदीप कौर निवासी मोहाली सेक्टर-63 के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 तहत केस दर्ज किया गया है।
फेज-7 निवासी सतिंद्र सिंह सात जून को अपने घर से कार में ड्राइवर के साथ गया था, लेकिन उसके बाद वापस नहीं आया। उसने ड्राइवर को कार सहित वापस घर भेज दिया था। घर न आने पर पारिवारिक सदस्यों ने उसकी तलाश शुरू की थी और पुलिस को भी सूचित कर दिया था। सोमवार को उसका शव हरियाणा में नहर से मिला।
मटौर पुलिस शव को लेकर आई और सिविल अस्पताल मोहाली में तीन डाक्टरों के पैनल द्वारा उसका पोस्टमार्टम करवाया। मृतक की पत्नी अशनप्रीत ने अपनी पति की मौत के लिए मोहाली के सेक्टर-63 निवासी एक मां-बेटी को जिम्मेदार ठहराया है। उसका आरोप है कि मां-बेटी उसके पति सतिंद्र सिंह को पैसे के लिए परेशान करती थी, इस कारण उसके पति ने नहर में डूबकर आत्महत्या की है।
पर्ल ग्रुप के मालिक के साढ़ू का बेटा था मृतक
सुपिंद्र सिंह मूल रूप में जिला रोपड़ की तहसील चमकौर साहिब के गांव भोजेमाजरा का रहने वाला था। वह पर्ल ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह भंगू के साढ़ू तरलोचन सिंह (जो पर्ल ग्रुप में डायरेक्टर भी हैं) का बेटा था। मृतक अपने पीछे पत्नी व एक करीब डेढ़ वर्ष की बेटी छोड़ गया है।