पैरोल पर आया कैद ससुराल गया और वहां उसकी मौत हो गई। परिजनों ने ससुराल वालों पर जहर देने के आरोप लगाए हैं। थाना खेमकरण पुलिस ने 174 के अधीन कार्रवाई की। ज
ब मृतक प्रताप सिंह (40) का पोस्टमार्टम किया जाने लगा तो परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया।
तीन घंटे बाद डीएसपी गुरचरण सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर परिजनों को केस के लिए निष्पक्ष जांच के आदेश दिए तो पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रताप सिंह 2010 से कत्ल के केस में केंद्रीय जेल अमृतसर में बंद था।
2015 में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मृतक के परिजनों ने ससुरालियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रताप सिंह 21 दिसंबर को पैरोल मिलने के बाद घर आ रहा था।
ससुरालियों ने उसे फोनकर बुलाया और उसे जहर देकर गांव में पराली में रात को फेंक दिया। प्रताप के पिता चन्नन सिंह उसे अस्पताल ले गए।
वहां उसकी हालत में सुधार न आने के कारण उसे परिजन अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल ले गए। दो दिन गुरु नानक देव अस्पताल में इलाज के बाद बुधवार तड़के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के पिता चन्नन सिंह थाना खेमकरण पुलिस पर आरोप लगाए कि बुधवार जब उसने बेटे के सुसरालियों जिनमें पत्नी सुखवंत कौर, सांडू सुखविंदर सिंह, साली कुलजीत सिंह के खिलाफ जहर देने के बयान दर्ज कराए तो पुलिस ने बाद में उन बयानों में गड़बड़ी कर दी।