अपने भाई-बहनों के साथ खेल-खेल में शरारत करने पर सात साल की मासूम बच्ची को उसी के माता-पिता ने पीट-पीट कर मार डाला। बाद में मामले को छिपाने के लिए लाश को प्लास्टिक के लिफाफे में डाल कर बेआबाद कुएं में फेंक दिया।
पुलिस ने मामला सामने आने पर आरोपी पिता और बच्ची की सौतेली मां के खिलाफ हत्या, लाश को खुर्द बुर्द करने के आरोप में केस दर्ज करके दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। लाश को पुलिस ने कुएं से बरामद करके पोस्टमार्टम के लिए सरकारी राजिंदरा अस्पताल भेज दिया है।
थाना खेड़ी गंडियां पुलिस के मुताबिक सुखविंदर सिंह निवासी गांव अजरावर ने पुलिस के पास बयान दिया है कि मूलरूप से बिहार का रहने वाला उमानंद और उसकी दूसरी पत्नी शांति देवी दोनों उसके घर में रहकर उसके पशुओं की देखरेख करते हैं। करीब 25 दिन पहले उनकी 7 साल की लड़की कंचन गायब हो गई। उसने कई बार लड़की के बारे में पूछताछ की।
उन्होंने लड़की के बारे में कुछ भी नहीं बताया। पिछले दिनों जब पति-पत्नी ने अपने 9 साल के बेटे बलवंत उर्फ बलुआ से मारपीट की तो उसने बताया कि उसके माता पिता ने बहन से मारपीट करके उसकी लाश को प्लास्टिक के थैले में बंद करके कुएं में फेंक दिया है।
दो-तीन दिन पहले शराब के नशे में उमानंद ने सुखविंदर सिंह के पास यह बात कबूल की। सुखविंदर सिंह ने अपने नौकर के इस गुनाह के बारे में पुलिस को तुरंत सूचना दी। पुलिस ने इस सूचना पर लाश को कुएं से बरामद करके आरोपी माता-पिता खिलाफ केस दर्ज कर लिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।