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3 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी, अब तक बेहोश, पुलिस ने की शर्मनाक हरकत

Tue, 07 Nov 2017 09:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
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3 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी
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तीन साल की बच्ची को अगवा करके उसके साथ हैवानियत का मामला सामने आया है। बच्ची अभी तक बेहोश है, वहीं पुलिस की एक हरकत ने मामला बढ़ा दिया है। घटना हरियाणा के पानीपत की है। नूरवाला रोड पर एक कॉलोनी स्थित फैक्ट्री के बंद पड़े गोदाम में चौकीदार ने तीन साल की एक बच्ची के साथ दुराचार कर दिया।
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आशंका जताई जा रही है कि उसके दूसरे साथी ने भी बच्ची के साथ गलत हरकत की है। बच्ची को उसकी मां ने कुछ देर पहले ही दूध पिलाया था और कपड़े धोने चली गई थी। चौकीदार बच्ची को उसके घर से ही उठाकर ले गया था। बच्ची दुराचार के बाद से बेहोश है और उसको पीजीआई खानपुर दाखिल कराया गया है।

इस दौरान सीजेएम व थाना किला प्रभारी के बीच अस्पताल में ही तकरार हो गई। पुलिस पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप है। सीजेएम ने पुलिस व अस्पताल प्रबंधन की कार्रवाई पर सवाल उठाया है। डीएसपी सिटी संदीप कुमार ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। किला थाना पुलिस ने आरोपी चौकीदार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका दूसरा साथी फरार है।
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दुराचार के बाद से बच्ची बेहोश है

बच्ची से रेप
मिली जानकारी के अनुसार, परिजन बच्ची को लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। किला थाना पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए। बच्ची की मां ने बताया कि वे एक फैक्ट्री के गोदाम के ऊपर बने कमरे में रहते हैं। उसक पति फैकट्री में ही काम करता है। रविवार शाम को वह अपनी तीन साल की बच्ची को दूध पिलाकर कपड़े धोने लग गई। उसने कुछ देर बाद देखा तो लड़की घर पर नहीं थी।

वह उसे तलाश रही थी कि पड़ोस में रहने वाले राजू ने बताया, लड़की को फैक्ट्री के गोदाम का चौकीदार अनिल निवासी मूंगापुरा यूपी गोदाम की तरफ ले गया है। वह गोदाम में पहुंची तो चौकीदार अनिल उसको देखकर भाग गया। वह बच्ची के पास पहुंची तो देखा कि वह बेहोश थी। मामले में सामने आया कि चौकीदार के साथी धर्मेंद्र ने भी बच्ची के साथ दुराचार किया है। किला थाना पुलिस ने छह पोक्सो एक्ट व 452 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

बच्ची को देर सायं पीजीआई खानपुर भेजा
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्ची को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन बच्ची का खून बंद नहीं हो पा रहा था। वह बेहोश थी तो सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के स्पेशल बोर्ड ने भी बच्ची का इलाज किया, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा था। हालत देखते हुए डॉक्टरों ने बच्ची को पीजीआई खानपुर रेफर कर दिया।
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सीजेएम व एसएचओ के बीच हुई तकरार

बच्ची के साथ रेप - फोटो : डेमो फोटो
सिविल अस्पताल में सीजेएम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव मोहित अग्रवाल और किला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेश पाल के बीच कार्रवाई को लेकर तकरार हो गई। सीजेएम ने किला थाना प्रभारी पर समय पर न पहुंचने और एक मजिस्ट्रेट को अनदेखा करने का आरोप लगाया। सीजेएम ने एसएचओ के व्यवहार को देखकर पुलिस अधिकारियों से बात की।

इसकी सूचना मिलते ही डीएसपी संदीप कुमार मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने परिजनों व बाकी लोगों से बातचीत की और इस मामले में नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। सीजेएम मोहित अग्रवाल ने बताया कि वे रविवार को अपने घर पर थे। उनके पास सीडब्ल्यूसी सदस्य किरण मलिक का फोन आया।

उन्होंने पूरे मामले की जानकारी दी। वे खुद ही गाड़ी चलाकर तीसरी मिनट में सिविल अस्पताल पहुंच गए। सिविल अस्पताल में डॉक्टर ने पुलिस बुलाने की कही है। जबकि अस्पताल को पुलिस से पहले इलाज करना पड़ता है।

ऐसा न करने वाले डॉक्टर के खिलाफ शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जा सकती है। वे बच्ची की मां से डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दिलवाएंगे। वहीं एसएचओ किला सुरेश पाल का व्यवहार ठीक नहीं था। उन्होंने उनको पूरे मामले की जानकारी देना मुनासिब नहीं समझा। पुलिस व डॉक्टरों ने मामले की संवेदनशील को नहीं समझा।

पुलिस को नूरवाला रोड स्थित एक कॉलोनी में एक बच्ची के साथ दुराचार की सूचना मिली थी। वे सूचना मिलते ही महिला जांच अधिकारी को साथ लेकर सिविल ड्रेस में अस्पताल में पहुंचे। पुलिस ने बच्ची की मां की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी चौकीदार अनिल को गिरफ्तार कर लिया है। उसका दूसरा साथी धर्मेंद्र अभी फरार है। पुलिस दूसरे आरोपी को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी। कानूनन बच्ची या उसके परिजनों के सामने पुलिस वर्दी में नहीं जा सकती। सीजेएम के साथ किसी तरह की बदसलूकी नहीं की है।
- सुरेश पाल, प्रभारी, थाना किला, पानीपत
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