पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल के सिंध बैंक खाते से गुरुवार शाम 42.50 लाख रुपये ट्रांसफर हो गए थे। अब इस पर कई सवाल उठ रहे हैं।
फर्जी व्हाट्सएप के जरिये एक लेटर के आधार पर बिना खाताधारक से पूछे कैसे इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी गई। लेटर पर मेयर के साइन भी नहीं थे। लेटर पर जो साइन थे, वह उनके छोटे भाई के थे, जो फर्जी थे। करीब 4 घंटे के बाद मेयर को उनके बेटे का यूरोप से फोन आया। बेटे ने बताया कि उनके पास दो ट्रांजेक्शन के संदेश प्राप्त हुए हैं।
बेटे ने 42.50 लाख के रुपये की राशि के ट्रांसफर होने के बारे में पूछा तो मेयर ने मना कर दिया। इसके बाद महापौर ने बैंक खाते की जांच की तो पता चला कि 42.50 लाख रुपये खाते से गायब हैं।
शुक्रवार को सेक्टर-20 साइबर थाना में पुलिस ने कुलभूषण गोयल की शिकायत पर केस दर्ज जांच शुरू कर दी है।
जांच में जुटी पुलिस ने करीब 31 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि पूरा पैसा दो लोगों के खाते में ट्रांसफर किया गया है, जिसमें एक कोलकाता और दूसरा उत्तर प्रदेश के कुशीनगर दिखा रहा है।
लेटर पर एक ही हस्ताक्षर था, बावजूद इसके किसी बैंक अधिकारी ने शक नहीं किया
महापौर कुलभूषण गोयल ने बताया कि फर्जी व्हाट्सएप से आए एक लेटर के बाद पंजाब एंड सिंध बैंक ने 42.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। मेयर ने बताया कि जब भी उनकी कंपनी से कोई चेक आरटीजीएस के लिए जारी होता है तो दो हस्ताक्षर के बाद ही राशि निकलती है। लेटर पर एक ही हस्ताक्षर था, इसके बावजूद किसी बैंक अधिकारी ने शक नहीं किया।
जानकारी के अनुसार आरटीजीएस करने में देरी लगी थी तो ठगों ने कई बार बैंक में फोन किया और कहा कि तुम्हें कितनी देर लगती है? सवाल उठता कि बार-बार फोन आने के बाद भी किसी बैंक अधिकारी ने कंपनी से संपर्क नहीं किया और न ही यह जानने की कोशिश की कि क्या मेयर ही बार-बार फोन कर राशि डालने के लिए कह रहे हैं। सिंध बैंक ने बड़ी लापरवाही दिखाते हुए यह राशि ट्रांसफर कर दी।
मेयर कुलभूषण बोले- बैंक की लापरवाही
मेयर कुलभूषण गोयल ने पंजाब एंड सिंध बैंक की बड़ी लापरवाही बताई है। उन्होंने कहा है कि बैंक को इतनी बड़ी राशि एक लेटर पर ट्रांसफर नहीं करनी चाहिए थी। बैंक को एक बार पूछना चाहिए था। बैंक से यह बड़ी गलती हुई है। वहीं, मेयर ने कहा पुलिस जांच में पता चला है कि यह पैसा कोलकाता और कुशीनगर के दो खातों में ट्रांसफर किया गया है। फर्जी व्हाट्सएप नंबर से की लोकेशन हैदराबाद
में शो हो रही है।
कुछ अनसुलझे सवाल
- फर्जी व्हाट्सएप के जरिए एक लेटर के आधार पर बिना खाताधारक से पूछे कैसे ट्रांसफर कर दी गई इतनी बड़ी रकम?
- पांच लाख से ऊपर की राशि ट्रांसफर करने पर तीन लेयर में होती जांच, लेकिन यहां किसी भी बैंक कर्मचारी ने इसकी पुष्टि क्यों नहीं की?
- सिंगल विडों पर बैठे बैंक कर्मचारी ने मेयर के सिग्नेचर का वेरीफाई क्यों नहीं किया?
-कैश ट्रांजेक्शन करने वाले बैंक अधिकारी ने दो खाताधारकों के खाते में इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर करने से पहले जांच क्यों नहीं की?
क्या हैं नियम
- बिना चेकबुक के भुगतान संभव नहीं है।
- खाताधारक उपलब्ध नहीं है तो चेकबुक के साथ फॉर्म भरना पड़ता है।
- बड़ी रकम के ट्रांजेक्शन के लिए खाताधारक को बैंक कर्मचारी फोन कर सूचित करता है। यह रकम आपके खाते अन्य खाते में ट्रांसफर की जा रही है।
- बड़ी रकम को दूसरे के खाते में ट्रांसफर करने से पहले तीन लेयर में जांच की जाती है। इसे बैंक क्लर्क से लेकर ब्रांच मैनेजर तक शामिल होते हैं।