पत्नी की हत्या की साजिश रचने वाले दोषी एडवोकेट पति को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। पंचकूला जिला अदालत ने इस मामले में एडवोकेट मनमोहन समेत तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों में वकील मनमोहन के अलावा उसकी महिला मित्र मोनिका और उसका जीजा संदीप भी शामिल है। कोर्ट ने एक दिन पहले सोमवार को तीनों को दोषी करार दिया था। सजा पर फैसला मंगलवार के लिए सुरक्षित रखा था।
मामला साल 2018 का है। दोषी मनमोहन ने अपनी पत्नी रजनी से पीछा छुड़ाने के लिए डेढ़ लाख रुपये में उसकी हत्या की सुपारी दी थी। जांच में आया कि हत्या की साजिश में बुलंदशहर निवासी महिला मोनिका और उसका जीजा संदीप शामिल थे। उस वक्त मोनिका मनीमाजरा में रहती थी। वहीं, संदीप कैथल में रहने वाला था।
ऐसे हुआ था खुलासा
16 जनवरी 2018 को रजनी सुबह करीब 11:15 बजे घर से निकली लेकिन देर रात तक नहीं लौटी। परिजनों ने उसी रात पुलिस स्टेशन में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में पता चला कि रजनी ने अंतिम कॉल मोनिका को की थी। इस बीच मनमोहन ने पुलिस को गुमराह करने के लिए उसकी गुमशुदगी की झूठी कहानी गढ़ी, लेकिन कड़ी पूछताछ में राज खुल गया। पुलिस ने सूरज थिएटर के पास से उसे मनमोहन को पत्नी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
तलाक के दौरान मिली थी मोनिका
मनमोहन और रजनी के रिश्ते लंबे समय से खराब थे। तलाक के केस के दौरान मनमोहन की मुलाकात मोनिका से हुई और धीरे-धीरे दोनों करीब आ गए। मनमोहन ने पत्नी से पीछा छुड़ाने के लिए मोनिका व संदीप को पैसों का लालच देकर पत्नी की हत्या की साजिश में शामिल कर लिया। रजनी के पिता ने भी पुलिस को अहम जानकारी दी थी। उन्होंने हत्या का शक जताया था। इसके बाद पुलिस मामले की तह तक पहुंची।