पाक जासूस काशिफ अली मामले में वीरवार को सीजेएम रजनीश शर्मा की अदालत में फोटोग्राफर इंस्पेक्टर करनैल सिंह के बयान दर्ज हुए।
बयानों में इंस्पेक्टर करनैल सिंह ने कहा कि काशिफ अली के सेक्टर 44 के कमरे से कैमरे और फोटो मिली थी। इससे उसने कब्जे में लेकर पुलिस के हवाले किया था।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई छह फरवरी को तय की है। पाक जासूस काशिफ अली को क्राइम ब्रांच की टीम ने 10 जुलाई 2010 को सेक्टर 44 स्थित एक मंदिर के पास से दबोचा था।
पुलिस ने काशिफ अली से पूछताछ की तो उसने अपना नाम पवन और दिल्ली का रहने वाला बताया था। बाद में उसने खुलासा किया वह आईएसआई का एजेंट है और वह पाकिस्तान से भारत में जासूसी करने आया था।
पुलिस ने सेक्टर 44 स्थित उसके घर से नक्शे, कैमरे, सेना से जुडे़ कागजात और पासपोर्ट की रसीद बरामद की थी। काशिफ अली ने पूछताछ में बताया कि उसका पासपोर्ट रुपये लेकर पासपोर्ट एजेंट गुरपिंदर सिंह, कुलविंदर और जगदीश ने बनवाया था।
पुलिस ने उसी समय तीनों एजेंट को सेक्टर 34 स्थित पासपोर्ट दफ्तर के बाहर से गिरफ्तार किया। जबकि जाली पहचान पत्र और बैंक अकाउंट खुलवाने वाले दिल्ली निवासी आनंद कुमार को पुलिस ने दिल्ली से काबू किया था।