स्टेट बैंक के एटीएम में कैश डालने आई वैन के अधिकारी से लुटेरों ने रिवाल्वर दिखाकर 50 लाख रुपये लूट लिए और फरार हो गए। वारदात पंजाब के जालंधर स्थित हरगोबिंद नगर में माया टावर स्थित एटीएम के बाहर हुई।
मामले की सूचना मिलने पर एसएसपी कपूरथला धनप्रीत कौर, एसपी फगवाड़ा गुरसेवक सिंह बराड़, डीएसपी मनप्रीत सिंह ढिल्लों और सिटी थाना प्रभारी रविंदर सिंह पुलिस फोर्स समेत मौके पर पहुंचे और वारदात की जानकारी हासिल की। एसएसपी कपूरथला धनप्रीत कौर एक मीटिंग के संबंध में पहले फगवाड़ा में थी।
उन्होंने बताया कि वारदात में चार लुटेरे शामिल थे। सभी स्विफ्ट कार में आए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक लुटेरों में एक केशधारी था। बाकी तीन ने टोपियां पहन रखी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कनपटी पर रिवाल्वर रख की वारदात
कैश डालने वाली एजेंसी के सिक्योरिटी सुपरवाइजर विक्रांत मित्तल वासी मेहली गेट फगवाड़ा ने बताया कि वह शुक्रवार दोपहर सवा दो बजे दीपक कुमार और अन्य स्टाफ सदस्यों के साथ एक टाटा गाड़ी (पीबी 08सीबी 9706) में बैंक से कैश लेकर हरगोबिंद नगर में माया टॉवर स्थित स्टेट बैंक के एटीएम में कैश डालने के लिए आए थे।
उन्होंने एटीएम में कैश डाला। इसके बाद शटर उठा कर वे बाहर निकले। दीपक के हाथ में कैश वाला ट्रंक था। शटर के खुलते ही एक मोना आदमी आया जिसने उसकी कनपटी पर रिवाल्वर रख दी और कैश वाला ट्रंक लेकर फरार हो गया।
आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
ट्रंक में करीब 50 लाख रुपये थे। बाद में पता चला कि लुटेरों के तीन साथी पास ही स्विफ्ट कार लेकर खड़े थे। लूट के बाद आरोपी उसमें बैठकर फरार हो गए।
एटीएम का गार्ड वीर बहादुर वासी शहीद भगत सिंह नगर भी वहां मौजूद था। वहीं कैश वैन के साथ आया हथियारबंद सुरक्षा कर्मी वारदात के समय कैश वैन में ही बैठा था। एसएसपी धनप्रीत कौर ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
अभी एक महीना पहले ही हरगोबिंद नगर में चार हथियारबंद लुटेरों ने श्री राधे डायमंड में रिवाल्वर दिखाकर लूट की थी। आरोपियों की पहचान के बावजूद पकड़े नहीं गए हैं।
कई हैं सवाल
- माया टॉवर में कई दुकानें हैं और दोपहर के वक्त वहां रश भी रहता है। इसके बावजूद किसी ने लुटेरों को पकड़ने की कोशिश क्यों नहीं की?
- कैश वैन के साथ आया गार्ड कैश को संभाल कर रखवाने से पहले ही गाड़ी में जाकर क्यों बैठ गया?
- शटर खुलते ही लुटेरे ने कैश का ट्रंक संभाले युवक की कनपटी पर रिवाल्वर रख दिया। ऐसा तभी हो सकता है जब आरोपी को जानकारी हो कि शटर खुलते ही पहले कौन निकलेगा और कैश किसके पास है।