दो दिन से लापता आठ साल की बच्ची की बलि दे दी गई। कूड़े के ढेर से शव मिला तो उसकी हालत देख लोग कांप उठे। वारदात, जालंधर में हुई। शव निर्वस्त्र हालत में था और आधा जला हुआ था। सूचना पाकर एडीसी (पी) जसबीर सिंह, एसीपी बलविंदर इकबाल काहलो, एसएचओ विमलकांत मौके पर पहुंचे।
सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी महिला गुजन, प्रेमचंद और धनंजय को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया है कि उन्होंने किसी तांत्रिक के कहने पर बच्ची की हत्या की थी। वहीं बच्ची से दुराचार की आशंका भी जताई जा रही है। इसका पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही पता लगेगा।
एसीपी नार्थ बलविंदर इकबाल सिंह का कहना है बच्ची के दोनों हाथ कटे पाए गए हैं। इसीलिए शक हो गया था कि बच्ची की हत्या किसी तांत्रिक के कहने पर की गई हो, वहीं प्राथमिक जांच में सामने आया है। एसीपी काहलो का कहना है आठ साल की बच्ची दो दिन पहले लापता हुई थी।
खाली प्लॉट में पड़े कूड़े के ढेर से मिला बच्ची का शव
जालंधर में मिला बच्ची का अधजला शव
- फोटो : अमर उजाला
डिवीजन नंबर आठ की पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। उन्होंने कहा कि इस बीच बुधवार को किसी ने पास स्थित खाली प्लॉट में पड़े कूढ़े के ढेर से बच्ची का शव बोरी में देखा तो इसकी जानकारी पुलिस व पारिवारिक सदस्यों को दी।
पारिवारिक सदस्यों के मुताबिक पहले वह गांव में रहते थे। जब उनकी बच्ची पांच साल की थी तो पड़ोस में रहने वाले एक युवक रमन ने उसके साथ दुराचार का प्रयास किया था। इसके बाद रमन को जेल जाना पड़ा था और डेढ़ साल पहले ही उसकी जमानत हुई थी। इसके बाद वह जालंधर शिफ्ट हो गए और यहां पर मजदूरी करने लगे।
दो दिन पहले जब बच्ची गायब हुई तो उन्होंने रमन के खिलाफ ही आशंका जाहिर की थी कि उसकी बच्ची का वह अपहरण कर ले गया है। पुलिस ने जब बोरी से लाश निकाली तो बच्ची का शरीर आधा जला हुआ था। बच्ची से दुराचार की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस ने पास लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए तो उसमें एक महिला और दो युवक दिखाई दिए, जो पड़ोस में ही रहते थे। वह रात के अंधेरे में एक बोरी कंधे पर उठाकर ले जा रहे हैं और बाद में इसे फेंकते दिख रहे हैं। पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया है।