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धोखाधड़ी में फंसे सुखम इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रबंधक

Fri, 15 Nov 2013 10:26 AM IST
अमर उजाला, मोहाली
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शहर में एक तरह जहां लगातार मेगा प्रोजेक्ट्स शुरू हो रहे हैं। वहीं, पैसे देने के बाद भी प्लॉट आदि न मिलने की शिकायतें भी बढ़ रही हैं।
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इसी कड़ी में अमेरिका निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मोहाली पुलिस ने चंडीगढ़ की एक कंपनी के प्रबंधकों के खिलाफ परचा दर्ज किया है।

थाना सोहाना पुलिस ने तरुण सचदेवा (मूल निवासी सेक्टर-27 चंडीगढ़) की शिकायत पर सेक्टर 17सी चंडीगढ़ स्थित सुखम इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रबंधकों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज किया है। इसमें कंपनी प्रबंधकों महिंद्र अग्रवाल, तेजिंदर सिंह भाटिया, वीर रस्तोगी, अपराजित सचदेवा को नामजद किया गया है।

तरुण सचदेवा ने एसएसपी को दी शिकायत में कहा था कि आरोपियों के साथ उसका सेक्टर 66ए में शरू हो रहे यलो स्टोन लैंडमार्क इंफोसिटी में प्लॉट देने के लिए 26.40 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। आरोपियों ने उससे बयाने के रूप में 7.26 लाख रुपये ले लिए। पर अब तक न तो उसे प्लॉट दिया और न ही उसके पैसे वापस किए। शिकायत की पड़ताल डीएसपी सिटी-2 ने की। डीए लीगल से राय लेने के बाद परचा दर्ज किया गया।
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यह था मामला
तरुण सचदेवा को दोस्त और इस मामले की पैरवी कर रहे राजेश गोयल ने बताया कि कंपनी ने जून-09 में यह प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसमें इंडस्ट्रियल व रेसिडेंशियल प्लॉट, कॉमर्शियल साइट्स और फ्लैट प्रस्तावित थे। प्रोजेक्ट लॉन्च होते ही लोगों ने बुकिंग अमाउंट जमा करा दिया।
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तब लोगों को कहा गया कि तीन महीने में उन्हें अलॉटमेंट लेटर और एक साल में प्लॉट का कब्जा दे दिया जाएगा। जून-11 में उन्हें अलॉटमेंट लेटर दिया गया। वह भी इस मजबूरी में, क्योंकि उसके बाद ही आगे की पेमेंट जमा कराई जा सकती थी। पर, अलॉटमेंट लेटर में भी प्लॉट नंबर नहीं लिखा था। उसके बाद से अब तक उन्हें इंडस्ट्रियल प्लॉट का कब्जा नहीं मिला।
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