अंबाला की एक उपकरण बनाने वाली कंपनी की मेल आईडी हैक कर हैकरों ने नाइजीरिया में बैठकर सेंट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रूूमेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (सीएसआईओ) से 7.91 लाख ठग लिए। सीएसआईओ ने कंपनी को मशीनों का ऑर्डर दिया था। हैकरों ने इन्हीं मशीनों की पेमेंट अपने खाते में करवाई है। सेक्टर-30 स्थित सीएसआईओ के प्रशासनिक अधिकारी अनुराग सचदेव ने ठगी की शिकायत इंडस्ट्रियल एरिया की पुलिस से की है। पुलिस ने केस साइबर सेल को स्थानांतरित कर दिया है।
साइबर सेल विभाग के प्रभारी हरिंदर सिंह सेखों ने बताया कि सीएसआईओ ने विभिन्न उपकरणों का ऑर्डर अंबाला की सिपकॉन इंस्ट्रूमेंट्स कंपनी को किया था। इस संबंध में लिस्ट कंपनी को ईमेल से भेजी थी। 13 जनवरी 2016 को संबंधित कंपनी की ओर से पैसे जमा करवाने का रिटर्न मेल आया था। इसके बाद सीएसआईओ ने जूम मशीनों के लिए 3.66 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके साथ उसी खाते में अन्य उपकरणों की खरीद के लिए दोबारा से 4.25 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।
चार माह बाद नहीं हुई डिलीवरी तो लगा ठगी का पता
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चार माह बाद नहीं हुई डिलीवरी तो लगा ठगी का पता
कैश देने के चार माह बाद जब मशीनों की डिलीवरी नहीं हुई तो कंपनी के अधिकारियों से बात की गई। इस पर कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें अब तक मशीनों के लिए भुगतान नहीं मिला है। इसके बाद ठगी का पूरा मामला सामने आ गया।
नाइजीरिया से आई मेल, हैदराबाद का बैंक अकाउंट नंबर दिया
सीएसआईओ अधिकारियों ने अपने स्तर पर जांच में पाया कि मेल आईडी नाइजीरिया से अपडेट हुई थी। कंपनी का ओरिजनल अकाउंट पीएनबी बैंक अंबाला में है। जबकि आरोपियों ने केनरा बैंक, हैदराबाद का अकाउंट नंबर देकर पैसे मंगवाए थे।
चंडीगढ़ में सीएसआईओ का एकमात्र कार्यालय
सीएसआईओ भारत सरकार की एक लैब है। यहां केंद्रीय वैज्ञानिक और औद्योगिक उपकरणों की रिसर्च, डिजाइन और डेवलपमेंट से जुड़ा काम होता है। 1959 में नई दिल्ली में इसकी स्थापना हुई थी। तीन वर्ष बाद इसे चंडीगढ़ में शिफ्ट कर दिया था। देशभर में यहां इसका इकलौता कार्यालय है।