सेक्टर-17 स्थित एससीओ में ट्रैसपासिंग कर ताले तोड़ने और धमकी देने में पुलिस ने नरेश बतरा ओर नीरज बतरा समेत 5 अन्य आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान दायर किया है। बीते वर्ष 9 नवंबर को आपराधिक धाराओं में इनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
शिकायतकर्ता 17-डी के एससीओ नंबर 101-103 निवासी विक्रम बतरा थे। उन्होंने 8 नवंबर, 2015 को सेक्टर-17 थाने में शिकायत दर्ज करवाई। इस दौरान पुलिस ने मौके से टूटा सामान बरामद किया और संबंधित गवाहों के बयान दर्ज करके चालान पेश किया है। जिसमें ट्रैसपासिंग, धमकाने, पुलिस की ड्यूटी में बाधा पहुंचाने व चोरी की धाराएं लगाई गई थीं। जबकि, पांच अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई जो नरेश बतरा के कर्मी बताए गए हैं। ये सभी सेक्टर 37 बतरा सिनेमा में अस्थाई रूप से रह रहे थे। इनमें आगरा के इरशाद अली, मकबुल, शकील, मुदस्सर और प्यारे शामिल हैं।
शिकायत में विक्रम ने कहा था कि एससीओ का गैरकानूनी कब्जा लेने के लिए नरेश बतरा, नीरज बतरा समेत 5 अन्य लोगों ने उनके यहां ताले तोड़े। एस.सी.ओ. का बेसमेंट पहले एक शू हाउस को दिया हुआ था। वहीं आधा पोर्शन उनके किराएदार हैंडलूम वाले को दिया हुआ था।
शू हाउस के किराएदार ने 31 अक्तूबर, 2015 को यहां खाली कर दिया था। जिसके बाद यह जगह संयुक्त रूप से शिकायतकर्ता के पिता व सह मालिकों को मिला था। खाली हुई जगह पर विक्रम बतरा ने दो ताले लगाए थे। शटर पर भी ताले लगे थे। आरोपियों ने इन तालों को तोड़ा था।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस को बताया गया। मौके से 4-5 लोग राउंड अप किए गए। पूछताछ में इन्होंने कहा कि वह सेक्टर 18-ए में नरेश बतरा ओर नीरज बतरा के यहां कंस्ट्रक्शन काम कर रहे हैं। इसी बीच नरेश और नीरज बतरा वहां पहुंच गए और सबके सामने स्वीकार किया कि उन्होंने ताले तोड़े हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। शिकायतकर्ता के मुताबिक मौके पर नरेश और नीरज बतरा ने उन्हें धमकाया भी था।
पुलिस ने संबंधित शिकायत और मौके की कार्रवाई के बाद नीरज बतरा और नरेश बतरा समेत अन्यों के खिलाफ ट्रैसपासिंग व धमकाने की आपराधिक धाराओं में केस दर्ज किया था। इसी वर्ष दोनों आरोपियों को एडिशनल सेशन जज की कोर्ट से एंटीसिपेटरी बेल मिली थी। जिसके बाद पुलिस ने इनकी 26 फरवरी को फार्मल अरेस्ट किया।