जिले के गांव बख्तगढ़ को वीरवार को सुबह करीब तीन बजे घेरकर सील कर दिया। सुबह 10 बजे तक न तो गांव से किसी को निकलने दिया और न ही अंदर जाने दिया।
हालांकि पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। सभी पुलिस अधिकारी इस संबंधी कोई भी जानकारी देने से बचते रहे। मोगा के एसएसपी गुरप्रीत सिंह तूर सहित बरनाला, बठिंडा, संगरूर, खन्ना, फरीदकोट के उच्च पुलिस अधिकारी भारी फोर्स सहित वीरवार को सुबह करीब तीन बजे बख्तगढ़ पहुंच गए।
गांव निवासी मुख्तियार सिंह ने बताया कि पुलिस ने गांव के एक एक घर की तलाशी ली। वह गांव के रहने वाले लोकसभा हलका संगरूर के शिरोमणि अकाली दल यूथ विंग के कोआर्डिनेटर तरणजीत सिंह दुग्गल के घर पहुंची।
पुलिस फोर्स ने अकाली नेता तरणजीत सिंह दुग्गल, उनके भाई बेअंत सिंह दुग्गल को हिरासत में ले लिया। उसके बाद पुलिस अधिकारी गांव के पंच अमनदीप सिंह के घर पहुंचे और उसके भतीजे अर्शदीप सिंह को भी हिरासत में ले लिया।
अकाली नेता को हिरासत में लेकर की पूछताछ
नाभा जेल ब्रेक
- फोटो : अमर उजाला
अकाली नेता तरणजीत सिंह दुग्गल के पिता जसवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने सारे परिवार के मोबाइल फोन छीन लिए और उसके दोनों पुत्रों के हिरासत में लेकर चली गई और कुछ घंटों के बाद चारों को छोड़ दिया गया।
पुलिस हिरासत से छूट कर आए तरनजीत सिंह दुग्गल ने बताया कि पुलिस ने उसको ऐसे आकर पकड़ा, जैसे वह कोई बड़ा आतंकवादी हो। वे उनसे कुछ शरारती तत्वों के गांव में रात को ठहरने के बारे में पूछ रहे थे जिनका उनसे कोई संबंध नहीं था।
उनके मोबाइल फोन चेक करने और उनसे पूछताछ करने के बाद उनको पुलिस छोड़ गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सूचना मिली थी कि नाभा जेल तोड़कर भागे कुछ आरोपी गांव बख्तगढ़ में ठहरे हैं।
इनमें प्रमुख तौर पर गैंगस्टर विक्की गौंडर का नाम लिया जा रहा था। पांच घंटे की सर्च के बाद पांच जिलों की पुलिस को गांव में से कुछ नही मिला। बरनाला के एसएसपी गुरशरणदीप सिंह ने कहा कि पुलिस को सूचना थी कि कुछ शरारती तत्व गांव में रुके हुए हैं। उनकी तलाश में पुलिस ने यह कार्रवाई की।