फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पार्टी के दौरान हुई मौत पर सवाल, हादसा या हत्या?

Sun, 19 Mar 2017 08:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
विज्ञापन
मौत - फोटो : Demo
विज्ञापन
दोस्त के फ्लैट पर पार्टी चल रही थी, सब लोग जश्न में डूबे पड़े थे, लेकिन उसी पार्टी में कुछ ऐसा हुआ। जिससे मातम पसर गया। हैदराबाद के इंस्टीट्यूच ऑफ मैनेजमेंट में एमबीए की पढ़ाई कर रहे शहर के मोहक अग्रवाल की संदिग्ध हालात में हुई मौत में परिजनों ने कई गंभीर आरोप लगाए। परिजनों ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या की गई है, जबकि कॉलेज प्रबंधन और हैदराबाद पुलिस का कहना है कि यह एक हादसा है। हालांकि हैदराबाद पुलिस ने चार युवकों के खिलाफ धारा 304-ए के तहत मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन पीड़ित परिवार ने कॉलेज प्रशासन और हैदराबाद पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं। पीड़ित परिवार ने रविवार दोपहर एक प्रेस कांफ्रेंस में पंजाब सरकार और तेलंगाना सरकार से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
विज्ञापन


मोहक की बहन आस्था ने बताया कि 10 मार्च को कॉलेज प्रशासन ने उनकी मां को फोन किया कि मोहक शराब के नशे में छत से गिर गया है और उसकी मौत हो गई। वह परिवार के साथ हैदराबाद पहुंचे। जहां उन्हें कुछ ऐसे सबूत मिले, जिससे मामला हत्या का लग रहा था। उन्होंने कॉलेज प्रशासन से बात की, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बताया। परिवार ने पुलिस से भी मामले की गंभीरता से जांच की अपील की, मगर पुलिस ने भी खानापूर्ति की।
विज्ञापन

मौत मिस्ट्री पर सबसे बड़े सवाल

death - फोटो : Demo
आस्था का कहना है कि मोहन की मौत सुबह 6 बजे हुई, जबकि उन्हें 8 बजे सूचना दी गई। मोहक इंस्टीट्यूट के हॉस्टल में रहता था, जबकि कॉलेज प्रशासन का कहना है कि हादसे वाले दिन मोहक अपने दोस्तों को पार्टी देने उनके फ्लैट में गया हुआ था। जहां रात पहले उन्होंने ड्रिंक की और पांचवीं मंजिल पर दोस्तों के साथ पानी वाली टंकी पर सोने चले गए। सुबह उसका बैलेंस बिगड़ गया और वह नीचे गिर गया। उसकी मौके पर मौत हो गई।

मोहक के पिता सुनील अग्रवाल का कहना है कि जहां मोहक का शव पड़ा मिला, वहां खून के निशान नहीं थे। वहीं पुलिस और कॉलेज प्रशासन का कहना था कि मोहक ने शराब पी रखी थी, मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसा कुछ सामने नहीं आया। मोहक की लेफ्ट साइड की हड्डियां टूट गई थीं, लेकिन लेफ्ट साइड पॉकेट में पड़ा उसका मोबाइल सही सलामत था।

उनका कहना है कि उनके पास ऐसे कई वीडियो और फोटोग्राफ्स हैं, जिन्हें देखकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठते हैं। कॉलेज की कहानी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई अंतर है। अगर पुलिस के उच्चाधिकारी उन सुरागों की गंभीरता से जांच करें, तो इस मामले से जुड़ी सारी सच्चाई सामने आ सकती है। सुनील अग्रवाल का कहना है कि वह बेटे की मौत के जिम्मेदार आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाना चाहते हैं। उन्हें इंसाफ चाहिए। अगर उन्हें इंसाफ न मिला, तो वह प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक जाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें