वह आए दिन झगड़ा करने का बहाना ढूंढते थे। दो महीने पहले भी बिंदर ने मेरे साथ बिना बात के गाली गलौज करके झगड़ा किया था और जान से मारने की धमकी दी थी। इसकी शिकायत पुलिस थाना जीरकपुर में दी थी और पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया था लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। अब उन्होंने दोबारा मुझ पर हमला किया है।
सुबह सात बजे किया हमला
बहादुर सिंह ने बताया कि वह सुबह करीब साढ़े 7 बजे गांव के श्मशान घाट के नजदीक सैर करने निकले थे। तभी एक कार आई और इसमें से कुलविंदर अपने पांच साथियों सहित बाहर निकला। उसने आते ही मुझे मारने की नियत से मेरी टांगों पर रॉड-डंडों से हमला कर दिया और दाहिने हाथ का अंगूठा भी काट दिया। इसके बाद अधमरा करके फरार हो गए। तभी कुछ लोगों ने सूचना मेरे परिवार को दी और उन्होंने मुझे जीएमसीएच-32, चंडीगढ़ पहुंचाया।
घायल बुजुर्ग बहादुर सिंह और उसके परिवार ने पुलिस पर ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बुधवार को भी झगड़े के बाद जो आईओ बयान दर्ज करने जीरकपुर थाने से आए थे वह भी हमलावरों के साथ मिला था। बयान के बाद एसएचओ दीपिंदर सिंह बराड़ ने हमलावरों को बचाने के लिए पहले हलकी धारा लगाई थी लेकिन बाद में मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर इरादा एक कत्ल की धारा जोड़ी गई। उन्होंने कहा कि पुलिस आरोपियों को पकड़ने में ढील बरत रही है। पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने जल्द आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की तो वह थाने के बाहर धरना देंगे और शिकायत उच्चाधिकारियों को देंगे।