एसएसपी भुल्लर ने बताया कि आरोपी बलविंदर साल 2009 में मोरिंडा में जसप्रीत मेडिकल स्टोर नाम की केमिस्ट शॉप चलाता था। जब डॉ. नेहा शौरी रोपड़ में ड्रग इंस्पेक्टर के रूप में तैनात थीं तो उन्होंने 29 सितंबर 2009 को जसप्रीत मेडिकल स्टोर पर छापा मारा था।
इस दौरान नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली 35 तरह की दवाएं स्टोर से बरामद हुई थीं। इसके संबंध में बलविंदर के पास कोई दस्तावेज नहीं था। इस कारण डॉ. नेहा ने जसप्रीत मेडिकल स्टोर का लाइसेंस कैंसिल कर दिया था। इसी के चलते आरोपी डा. नेहा से रंजिश रखने लगा था।
मैडम की थी गवाही, आरोपी डरा हुआ था
वारदात स्थल पर मौजूद विभाग के कुछ मुलाजिमों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अदालत में केस चल रहा है, जिसमें कुछ दिन बाद डॉ. नेहा शौरी के बयान दर्ज होने थे। आरोपी बलविंदर कुछ दिन से नेहा शौरी के दफ्तर के कई चक्कर लगा चुका था। शुक्रवार को भी बलविंदर संभवतया इसी केस के सिलसिले में नेहा के दफ्तर में आया था। नेहा शौरी द्वारा इस केस में आरोपी की कोई भी मदद करने से इनकार करने पर आरोपी ने उन पर गोलियां बरसा दीं।