शहर में धड़ल्ले से चल रहे ड्रग्स रैकेट ने सेक्टर-22 स्थित नुक्कड़ ढाबा के मालिक जोगिंदर सिंह की बेटी मनीषा की जान ले ली है। उसकी लाश रविवार को राजपुरा रोड पर शंभू बैरियर के पास नाले से बरामद हुई। हालांकि पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है मगर ड्रग्स के पूरे रैकेट पर पर्दा डाल रही है।
पुलिस ने इस मामले में सेक्टर-51 निवासी रजत, सेक्टर-37 निवासी कमल और मोहाली के दिलप्रीत को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में रजत और कमल ने स्वीकार किया है कि वे खुद भी ड्रग्स लेते हैं। शनिवार की रात ये दोनों मनीषा को सेक्टर-37 स्थित कमल के घर पर लाए थे।
पूछताछ में दोनों ने यह माना कि उससे पहले उन्होंने कार में मनीषा को भी ड्रग्स की डोज दी थी। जांच में यह भी सामने आ रहा है कि मनीषा को हेरोइन की इतनी डोज दी गई, जो दो व्यक्तियों के लिए होती है। दोनों आरोपियों ने भी कार में साथ ही ड्रग्स ली थी।
दोनों आरोपियों का कहना है कि ड्रग्स की ओवरडोज से मनीषा की मौत हुई और वे डर से लाश नाले में फेंक आए। सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि दिलप्रीत भी इन दोनों से नशा लेता था। उसने मनीषा से दोस्ती की थी। उसके साथ ही वह इनके संपर्क में आई थी।
मोबाइल डिटेल के आधार पर रजत गिरफ्तार
जब मनीषा घर नहीं पहुंची और फोन पर भी बात नहीं हुई तो पिता ने शनिवार को सेक्टर-17 थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस का दावा है कि उसने मोबाइल डिटेल के आधार पर रजत को गिरफ्तार किया।
उसकी निशानदेही पर शव बरामद किया गया और कमल तथा दिलप्रीत को पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार रजत ने बताया कि कमल ही एक ग्राम हेरोइन लेकर आया था और इसके लिए उसने एक मैसेज भी अपने मोबाइल पर दिखाया है। इतनी हेरोइन अमूमन छह लोगों के लिए होती है। वहीं रजत के परिजनों का कहना है कि रजत को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि उसने सरेंडर किया है। घटना के बारे में पता लगने पर वे खुद उसे थाने लेकर आए थे।
परिजनों का हत्या का आरोप: मनीषा के परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी ड्रग्स नहीं लेती थी। यह सीधे-सीधे हत्या का मामला है। उन्होंने दिलप्रीत पर इस हत्या में शामिल होने का शक जताया है।
इसी आधार पर पुलिस ने दिलप्रीत को पकड़ा है। हत्या का मोटिव क्या था, इसे लेकर अभी अटकले ही हैं। इसकी संभावना है कि वह चंडीगढ़ में चल रहे ड्रग्स रैकेट के बारे में इसे चला रहे लोगों के बारे में जान गई थी, इसलिए उसकी हत्या की गई। हो सकता है कि इसके लिए हेरोइन की ओवरडोज को तरीका बनाया गया।
आरोपी एक दिन की पुलिस रिमांड पर
पुलिस ने आरोपी रजत और कमल को सोमवार को कोर्ट में पेश किया। यहां से दोनों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
ड्रग्स पहले भी हुई हैं मौतें
17 दिसंबर 2012 को सेक्टर-22 के एक होटल से राधिका वशिष्ठ को बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंचाया गया था। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत बताया और मौत की वजह ड्रग्स की ओवरडोज थी। वह मूलरूप से अंबाला कैंट की रहने वाली थी।
11 फरवरी 2014 को उभरते क्रिकेट खिलाड़ी साहिल ठाकुर का शव भी सेक्टर-22 में उसके कमरे में मिला था। जांच में मौत की वजह ड्रग्स की ओवरडोज पाई गई। साहिल होशियारपुर का रहने वाला था और रणजी कैंप के लिए प्रैक्टिस के लिए चंडीगढ़ आया था।