पिता-पुत्र ने दो सगे भाइयों को मारी गोली
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गांव सौलधा में सोमवार को आपसी रंजिश के चलते दो सगे भाइयों पर गांव के ही एक युवक ने गोली चला दी। दोनों को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां दोनों की हालत खतरे से बाहर है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले का जायजा लिया।
सदर थाना बहादुरगढ़ में पिता-पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उधर, घटना के दो घंटे बाद ही आरोपी पक्ष के भगवान सिंह (हमलावर युवक के पिता) की भी मौत हो गई। अनुमान लगाया गया है कि उसकी मृत्यु हृदयाघात से हुई है। हरिकिशन पूर्व पार्षद हैं और भगवान सिंह ने इस बार सरपंच का चुनाव लड़ा था।
पुलिस के अनुसार गांव सौलधा में सोमवार की दोपहर दो सगे भाइयों सतपाल व सुरेंद्र पर गांव के ही देवेंद्र पुत्र भगवान सिंह ने गोली चला दी। इससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया है कि पिछले करीब डेढ़ साल से दोनों पक्षों में रंजिश चल रही है। पुलिस को दी शिकायत में घायलों के पिता हरिकिशन ने बताया कि सोमवार को वह गांव में ही हो रही एक शादी समारोह में गया हुआ था। वह वहां से अपने घर जाने के लिए रवाना हुआ तो गांव के ही देवेंद्र ने उसको लक्ष्य करके गोली चला दी। गनीमत यह रही कि इसमें वह बाल-बाल बच गया। इसके बाद आरोपी फरार हो गया। वह अपने घर पहुंचा और वारदात की जानकारी परिजनों को दी।
वारदात के दो घंटे बाद भगवान सिंह की भी मौत
पिता-पुत्र ने दो सगे भाइयों को मारी गोली
हरिकिशन का कहना है कि उसी दौरान देवेंद्र व उसका पिता भगवान सिंह दोनों उनके घर पहुंच गए और उसके बेटों सतपाल व सुरेंद्र पर फायरिंग शुरू कर दी। इसमें सतपाल को एक गोली पीठ में लगी, जबकि सुरेंद्र को दो गोलियां लगी हैं। सतपाल की उम्र 37 वर्ष और सुरेंद्र की 35 वर्ष है। सतपाल व हरिकिशन सेना से रिटायर हो चुके हैं। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत खतरे से बाहर है। वारदात के तुरंत बाद आरोपी पिता-पुत्र मौके से फरार हो गए। इसकी सूचना तुरंत सदर पुलिस को दी गई। थाना सदर प्रभारी भी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने इस संबंध में सतपाल पुत्र हरिकिशन की शिकायत पर देवेंद्र व उसके पिता भगवान सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
चौपाल को लेकर डेढ़ वर्ष पहले हुआ था झगड़ा
बताया गया है कि डेढ़ वर्ष पहले गांव की चौपाल को लेकर दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था। इसमें दोनों पक्षों के बीच केस कोर्ट में चल रहा है। पुलिस का अनुमान है कि इसी रंजिश में देवेंद्र पक्ष की तरफ से इस वारदात को अंजाम दिया गया है। भगवान सिंह ने ग्राम पंचायत के पिछले चुनाव में सरपंच का चुनाव लड़ा था। लेकिन हार गए थे। जबकि हरिकिशन पिछले सत्र में जिला परिषद झज्जर के सदस्य रह चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चौधर की वजह से दोनों पक्षों की एक-दूसरे से बनती नहीं थी।
वारदात के दो घंटे बाद भगवान सिंह की भी मौत
जिस समय सौलधा गांव में यह गोलीकांड हुआ। उसके लगभग दो घंटे बाद आरोपी भगवान सिंह की भी मौत हो गई। उसकी मौत किन कारणों के चलते हुई है इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही हो सकेगा। अनुमान लगाया गया है कि भगवान सिंह की मौत हृदयाघात से हुई है। सोमवार सायं भगवान सिंह के परिजन उसको लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भगवान सिंह की मौत की सूचना मिलते ही थाना सदर पुलिस भी नागरिक अस्पताल में पहुंच गई और उसकी पत्नी श्यामा व पुत्र अनिल से इस बारे में बातचीत की। लेकिन उसकी मृत्यु के कारण की पुष्टि नहीं हो सकी।