बेटी की शादी के लिए पैसे नहीं जुटा पाया तो मुंशी ने खुद को वो खौफनाक सजा दे दी कि पूरे परिवार के लिए जिंदगी भर की सजा हो गई। घटना हरियाणा के करनाल की है। जिला कोर्ट परिसर में स्थित एडवोकेट चैंबर में शनिवार को उसके ही मुंशी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मृतक चैंबर नंबर 126 में मुंशी का काम करता था। घटना का पता चलने के बाद पूरे कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस भिजवाया।
परिजनों की शिकायत के बाद वकील बलदेव राणा के खिलाफ धारा 306 के तहत मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है। मृतक की शिनाख्त 52 वर्षीय निवासी हांसी रोड संजय के रूप में हुई है। संजय कोर्ट परिसर में चैंबर नंबर 126 में वकील बलदेव राणा के पास मुंशी का काम करता था।
भाई ने किया था वायदा, मौके पर मुकर गया
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मृतक के परिजनों का आरोप है कि संजय की बेटी की शादी दो अप्रैल को होनी थी और उसके भाई बलवान ने उसे उसकी बेटी की शादी के लिए पैसे देने का वायदा किया था, लेकिन ऐन वक्त पर वह मुकर गया और पैसे मांगने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया।
इससे खफा होकर संजय ने फंदा लगाकर चैंबर में ही आत्महत्या कर ली। मृतक के जीजा अनिल ने बताया कि वह काफी दिनों से बेटी की शादी के लिए पैसों का जुगाड़ न होने पर परेशान था। अनिल ने कहा कि संजय ने सुसाइड नोट भी लिखा था, लेकिन वह उसके वकील ने गायब कर दिया।
सिविल लाईन थाना प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर वकील बलदेव राणा कि खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने पर धारा 306 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।