राजस्थान के नाथूराम गैंग के लिए करने लगा था काम
एसटीएफ पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी स्टीवन जॉन तमिलनाडु की जेल में रहते हुए राजस्थान के नाथूराम गैंग के संपर्क में आ गया था। वह उसी गैंग की मदद से 18 जुलाई को जेल से फरार हो गया था।
बाद में वह वह हैदराबाद व आसपास के क्षेत्रों में नाथूराम गैंग के ठिकानों पर रहा। वहां से राजस्थान आ गया था। बाद में दिल्ली के बुराड़ी व एनसीआर के क्षेत्र में छिपता रहा है। फिलहाल वह कुछ दिन से बहालगढ़ क्षेत्र में रह रहा था। एसटीएफ ने बुराड़ी में भी उसकी तलाश में दबिश दी थी, लेकिन वह वहां से निकल गया था।
6 साल पहले टूरिस्ट वीजा पर आया था स्टीवन
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि वह छह साल पहले टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। वीजा खत्म होने के बावजूद वह वापस नहीं गया था। दो साल पहले उसे नशे में झगड़ा करते काबू कर लिया गया था। उसे दो मामलों में दो साल तक की सजा हो गई थी।
नाइजीरिया विदेश मंत्रालय लगातार बना रहा था तलाश करने का दबाव
एसटीएफ प्रभारी सतीश देशवाल ने बताया कि स्टीवन को सजा होने के बाद से जब उसके बारे में पता लगाया तो उसके नाइजीरिया का होने का पता लगा था। जिस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसकी सूचना नाइजीरियन विदेश मंत्रालय को दी थी। उसकी सजा पूरी होने से पहले उसकी नाइजीरिया वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। इसी बीच वह सेंट्रल जेल से फरार हो गया था। जिसके बाद नाइजीरियाई विदेश मंत्रालय भी उसकी तलाश के लिए दबाव बना रहा था।
तमिलनाडु पुलिस ने जानकारी दी थी कि त्रिची स्थित सेंट्रल जेल से फरार नाइजीरियन स्टीवन दिल्ली व सोनीपत में छिपा हो सकता था। उसकी तलाश को लगातार प्रयास किया जा रहा था। उसे अब बहालगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। वह कुछ दिन पहले ही बहालगढ़ आया था। उसे पूछताछ कर पता लगाया जाएगा कि उसकी तरह कोई अन्य तो यहां नहीं रह रहा है। सतीश देशवाल, प्रभारी, एसटीएफ इकाई सोनीपत।