एडवोकेट मुकेश मित्तल के मुंशी अजय सिंह के घर पर ईडी के छापे के बाद शुरू मनी लांडरिंग मामले की जांच में खुलासों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। पता चला है कि वाकये से जुड़े एक ड्राइवर के खाते से 22 करोड़ के लेनदेन किए गए।
ड्राइवर लाल चंद को एक कंपनी में डायरेक्टर दर्शाया गया है। कंपनी के पिछले पांच साल के इंकम टैक्स रिटर्न में किसी कारोबार के लेनदेन का जिक्र नहीं है। ऐसी सात बेनामी कंपनियों में भी ईडी ने गड़बड़ी पाई है।
ईडी के डिप्टी डायरेक्टर गुरनाम सिंह की ओर से अब तक की जांच में हुए खुलासों के बारे में कहा गया है कि जांच की स्थिति रिपोर्ट एक्टिंग चीफ जस्टिस एसजे वजीफदार की डिवीजन बेंच के समक्ष प्रस्तुत की जा चुकी है।
बेंच ने यह रिपोर्ट हाईकोर्ट रजिस्ट्री के माध्यम से दाखिल करने का निर्देश दिया। अब मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि 19 मार्च तय की गई है।
मुंशी के घर छापे के बाद खुलने लगीं परतें
ईडी के वकील डीडी शर्मा के माध्यम से प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में डिप्टी डायरेक्टर का कहना है कि 13 जनवरी को अजय सिंह के घर पर छापेमारी की गई थी। इस दौरान वहां कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले थे। इनमें करोड़ों की संपत्ति के कागजात, हस्ताक्षर किए 291 ब्लैंक चेक व कंपनियों का रिकार्ड मिला था।
जब्त किए गए कागजात ईडी मुख्यालय (दिल्ली) भेजे गए। वहां से अजय सिंह समेत 42 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 23 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने को कहा गया है। इसी आधार पर की गई जांच में खुलासा हुआ है कि शिवालिक सर्विसेज व माउंट हिल्स नामक कंपनियों जैसी एक अन्य कंपनी में पेशे से ड्राइवर लाल चंद को कंपनी का डायरेक्टर दर्शाया गया है।
ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स में उसके खाते से 22 करोड़ का ट्रांजेक्शन भी हुआ। हालांकि इस लेनदेन का लाल चंद को कोई लाभ नहीं मिला। उधर, कंपनी के पिछले पांच साल के इंकम टैक्स रिटर्न में न तो किसी कारोबार का उल्लेख है और न ही इंडस्ट्री सर्विस कोड में किसी कारोबार का जिक्र किया गया है।
अन्य कंपनियों में भी पाई गईं गड़बड़ियां
ऐसी ही गड़बड़ी अन्य कंपनियों में भी पाई गई है। रिपोर्ट में कहा है कि अजय सिंह, मुनीष कुमार, प्रवीण कुमार, विनीत गोयल, निशांत गोयल व अन्य से जुड़ी कंपनियों शिवालिक हिल्स, माउंट हिल्स, शारविला बिल्डर, अवस्थी रियल इस्टेट, लेक व्यू सर्विस, राधेश्याम साड़ी सेंटर और सोलन एसआर सर्विस में भी गड़बड़ी है।
ट्रांजेक्शन हुई, लेकिन कारोबार कुछ नहीं। ऐसे में जांच जारी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विजिलेंस की ओर से ओपी मित्तल व अन्य के खिलाफ दर्ज मामले के बाद एक और मामला दर्ज हुआ था। इन्हीं पर संज्ञान लेते हुए ईडी ने जांच शुरू की थी और मनी लांडरिंग का केस दर्ज किया था।
मामले में अजय सिंह ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) स्तर से इस मामले की जांच ही नहीं की जा सकती। तब ईडी को हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।