फॉरच्यूनर पर लाल बत्ती लगाकर पंचकूला में युवती से मिलने आया, लेकिन युवती ने कंट्रोल रूम में पीछा करने की शिकायत दे दी।
इसके बाद पुलिस ने जब पीछा करके आरोपी को दबोचा तो उसने खुद को पंजाब के एक मंत्री का बेटा बताकर पुलिसकर्मियों को वर्दी उतरवाने की धमकी दी।
शुक्रवार देर रात यह ड्रामा चलता रहा, लेकिन पुलिस ने जब तफ्तीश की तो पता चला कि वह किसी मंत्री का बेटा नहीं, बल्कि कपूरथला स्थित एक बाइक एजेंसी का मालिक है।
साथ ही उसकी फॉरच्यूनर पर अनाधिकृत तरीके से लालबत्ती लगी थी और दस्तावेज भी पूरे नहीं थे। आखिरकार, लालबत्ती के अवैध इस्तेमाल, बगैर आरसी ड्राइविंग सहित छह चालान किए गए, लेकिन पुलिसकर्मियों को गुमराह व दुर्व्यवहार के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। उधर, युवक के पकड़े जाने के बाद युवती ने इस मामले की शिकायत देने से इनकार कर दिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, युवती एक महीने पहले जालंधर स्थित ब्यूटी पार्लर से काम छोड़कर पंचकूला के ब्यूटी पार्लर में काम करने आई थी। जालंधर के एक पार्लर में काम करने के दौरान युवती और करुण नामक इस युवक की जान-पहचान बढ़ी।
शुक्रवार रात जब युवती ब्यूटी पार्लर से नीचे उतरी तो करुण उसका पीछा करने लगा। यह देखकर युवती ने 100 नंबर पर पुलिस को शिकायत दी। फारच्यूनर के बार-बार चक्कर लगाने के कारण पुलिस पहले से भी इस गाड़ी पर नजर रख रही थी।
कंट्रोल रूम में युवती की शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम ने सक्रिय होकर फॉरच्यूनर की तलाश शुरू की और सेक्टर-7/8 की डिवाइडिंग रोड पर पुलिस ने उसे धर दबोचा।
मंत्री का बेटा नहीं, बल्कि बिजनेसमैन
पुलिस कर्मियों ने जब करुण को रोका तो उसने खुद को मंत्री रुद्र प्रताप सिंह का बेटा बताया, लेकिन हकीकत में उसके पिता की मौत हो चुकी है।
कपूरथला में पुलिस की किसी से हुई बातचीत में सामने आया कि वह किसी मंत्री का बेटा नहीं, बल्कि एक बिजनेसमैन है। पुलिस से बचने के लिए ही उसने यह कहानी गढ़ी। सूत्रों के मुताबिक, फॉरच्यूनर सवार युवक का जालंधर और कपूरथला में घर है। कपूरथला में उसकी बाइक एजेंसी है।
रुपये के लेन-देन के सिलसिले में आया था पंचकूला
करुण से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि युवती से रुपये के लेन-देन की वजह से वह पंचकूला आया था। उसने बताया कि जालंधर में पार्लर में जब भी वह जाता था तो उसके साथ गनमैन होते थे। यहीं युवती से मुलाकात भी होती थी।