कल तक जिस गांव का नाम भी शायद किसी को मालूम न था, आज वो गांव प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की जुबान पर चढ़ा हुआ है। वो भी सिर्फ दो ऐसी वीर बहनों पूजा और आरती के कारण जो लड़कों की छेड़खानी से तंग आकर मर्दानी बनकर उभरी हैं। थाना खुर्द गांव की रहने वाली पूजा और आरती दोनों बहनें सोमवार को किसी वीआईपी से कम नजर नहीं आई।
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पूरे गांव में इतने लोग नहीं रहते, जितने की सोमवार को बाहर से इन बहनों को मिलने के लिये आए। प्रदेश का ही नहीं बल्कि देशभर का मीडिया पूजा और आरती के घर पहुंचा हुआ था। हर किसी का मकसद दोनों बहनों से बातचीत करना तथा उनके साथ हुए घटनाक्रम को जानना था। हालांकि रविवार को देर रात आरोपी पक्ष के परिजन भी लड़कियों के घर पहुंचे थे, लेकिन समझौते की बात सिरे नहीं चढ़ पाई।
लड़कें और लड़कियों में न समझें फर्क
इन वीरांगना बहनों के पिता राजेश का कहना है कि उन्होंने अपनी लड़कियों को लड़कों की तरह पाला है। कभी उन्हें यह अहसास नहीं होने दिया कि वे लड़कियां हैं। उन्होंने कहा कि हमें लड़के और लड़की में कोई फर्क नहीं समझना चाहिए। उन्हें अपनी दोनों बेटियों पर गर्व है।
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लड़कियां नहीं मेरे बेटे हैं: संतोष
माता संतोष ने कहा कि वे उनकी लड़कियां नहीं बल्कि लड़के हैं। उन्हें आज गर्व है कि उन्होंने अपने आत्म सम्मान को बचाने के लिए इस तरह कदम उठा कर कायरता नहीं दिखायी। वे महिलाओं से आह्वान करती हैं कि वे अपनी लड़कियों को भी लड़कों की तरह से प्यार दें।
देर रात आए थे आरोपियों के परिजन
राजेश ने बताया कि आसन निवासी आरोपी दीपक, कुलदीप और मोहित के परिजन और उनके नजदीकी रविवार देर रात उनके घर पर आए थे। उन्होंने कहा कि देखो जो गलती हो गई सो हो गई। इस बात को यहीं पर खत्म कर दो नहीं उनके बच्चों को भविष्य खराब हो जाएगा।
हम तीनों लड़कों को पांच-पांच जूते मार देंगे और लड़कियों से माफी मंगवा देंगे। इस पर उन्होंने शर्त रखी थी कि तीनों लड़के गांव आसन में लड़कियों के पांव पकड़ कर माफी मांगे तो वे तैयार हैं, परंतु इस पर वे राजी नहीं हुए। उन्होंने कहा कि वे थाना खुर्द में मांफी मंगवा सकते हैं और बात यहीं पर रुक गई।
पहले रेस्ट हाउस अब इन बहनों से है पहचान गांव के सरपंच संजय कुमार का कहना है कि उनके गांव की पहचान अंग्रेजों के जमाने के रेस्ट हाउस से थी, क्योंकि यहां पर अंग्रेजों के लिए विश्राम गृह था। इन दोनों बहनों आरती और पूजा ने वो कर दिखाया जिसकी लड़कियों से आस नहीं होती। इससे गांव के लोग अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। पहले जहां उनके गांव की पहचान रेस्ट हाउस से थी वहीं अब इन दोनों बहनों के जज्बे ने नई पहचान बना दी। उन पर जितना गर्व किया जाए कम है।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में
चलती रोडवेज बस में छात्राओं के साथ छेड़खानी और मारपीट के मामले में तीनों आरोपियों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। रविवार देर रात पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश किया था।
उपायुक्त शेखर विद्यार्थी और एसपी शशांक आनंद का कहना है कि अगले दो-तीन दिन में ही आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी जाएगी, ताकि जल्द से जल्द आरोपियों के खिलाफ आरोप तय हो सकें। साथ ही सत्र न्यायाधीश से प्रार्थना की जाएगी कि मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की अनुमति दी जाए।
चालक व परिचालक को भी इस मामले में तुरंत कार्रवाई न करने पर सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा दो आरोपियों की सेना में चल रही भर्ती प्रक्रिया का आवेदन भी रद करवा दिया गया है। वहीं, दूसरी ओर आरोपियों के परिजनों व भारी संख्या में ग्रामीणों ने लघु सचिवालय पर पहुंचकर एसपी से मुलाकात की। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
छात्राओं व परिवार की पूरी सुरक्षा
एसपी शशांक आनंद ने दावा किया कि दोनों लड़कियों की सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी है। एसपी ने कहा कि दोनों लड़कियों व उनके पिता से बात की गई है और उन्हें सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया है। दोनों छात्राएं सोनीपत जिले की रहने वाली हैं, इसलिए सोनीपत के एसपी से भी विशेष रूप से बात की गई है।
चालक और परिचालक सस्पेंड डीसी विद्यार्थी ने कहा कि मामले में समय पर लड़कियों को सुरक्षा प्रदान करने और समय पर सूचना देने में लापरवाही करने के आरोप में सोनीपत रोडवेज महाप्रबंधक ने बस के चालक बलवान सिंह निवासी रिठाल और परिचालक लाभ सिंह निवासी रुखी को सस्पेंड कर दिया है।
दोनों के सस्पेंशन के आदेश जारी हो गए हैं। इसके साथ ही परिवहन मुख्यालय को भी पत्र भेजकर दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
जांच जल्दी करने के निर्देश
डीसी शेखर विद्यार्थी एवं एसपी शशांक आनंद ने लघु सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि छात्राओं पूजा व आरती से मारपीट करने के आरोपियों कुलदीप, मोहित व दीपक को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया।
गंभीर और संवेदनशील मामले में प्रशासन की ओर से संबंधित जांच अधिकारियों को जल्द से जल्द तीनों आरोपियों के खिलाफ चालान को अदालत में दाखिल करने के निर्देश दिए गए।
नौकरी दांव पर डीसी शेखर विद्यार्थी ने बताया कि दो आरोपियों के बारे में पता चला था कि वे आर्मी में भर्ती होने वाले हैं। इस बारे में आर्मी भर्ती के एआरओ कर्नल बख्शी से बात की गई है। सेना भर्ती बोर्ड, रोहतक को पत्र भेजा जा रहा है कि इन आरोपियों की भर्ती प्रक्रिया का आवेदन निरस्त कर दिया जाए और जब तक इस मामले में जांच पूरी न हो जाए तब तक उनकी भर्ती रोक दी जाए।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आसंद गांव से डेढ़-दो सौ लोग सोमवार सुबह लघु सचिवालय पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बच्चे निर्दोष हैं। परिजनों ने एसपी और डीसी से मुलाकात की और कहा कि उनके बच्चों को जबरन फंसाया गया है। उन्होंने मांग की कि मामले में निष्पक्ष जांच की जाए और बस में मौजूद सभी यात्रियों से भी पूछताछ की जाए।
बेटियों के साहस को सम्मान चलती बस में छेड़छाड़ के मामले में आरोपियों से लोहा लेने वाली बेटियों के साहस को सलाम करने के लिए कई संगठन सामने आ गए हैं। एक तरफ जहां सोनीपत की दहिया, भिवानी की श्योराण, जींद की कंडेला खाप ने बहादुर बेटियों का सम्मान करने की घोषणा की है वहीं हिंदू महासभा ने बेटियों के सम्मान के साथ ही उन्हें नौकरी दिलवाने का भी आश्वासन दिया है। हापुड़ के अपर जिला सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार त्यागी ने अमर उजाला के माध्यम से दोनों बेटियों को 51-51 सौ रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।