नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और धमकाने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशुल शुक्ला की अदालत ने मंगलवार को रामदरबार के ऋषि को सबूतों के अभाव के कारण बरी कर दिया।
मामले में पीड़ित छात्रा अपने बयानों से पलट गई और कहा कि ऋषि ने उसके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की है।
रामदरबार फेज एक निवासी नाबालिग छात्रा ने 24 जुलाई 2013 को शिकायत दी थी कि 22 वर्षीय ऋषि ने उसके साथ छेड़छाड़ की है। जब उसने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी।
शिकायत मिलने के बाद सेक्टर-31 थाना पुलिस ने ऋषि के खिलाफ मामला दर्जकर उसे गिरफ्तार किया था। ध्यान रहे कि जिला अदालत में महिलाओं से जुड़े केसों की सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट को जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशुल शुक्ला देख रही हैं।