बब्बर खालसा से जुड़े एक आरोपी को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है। उस पर आतंकी संगठन को इंडिया में आतंक फैलाने के लिए फंडिंग करने का आरोप है। आरोपी की पहचान भूपिंदर सिंह उर्फ दिलावर सिंह निवासी जिला लुधियाना गांव ताजपुर (रायकोट) के रूप में हुई है। आरोपी को सीआईए स्टाफ ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया, जहां से उसे 6 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
सोशल मीडिया पर चला रहा था आतंकी ग्रुप
जानकारी के मुताबिक, आरोपी भूपिन्द्र सिंह सोशल मीडिया पर मिशन-ए-खालिस्तान ग्रुप में शामिल था। विदेश में बैठ कर वह उसी ग्रुप के जरिए फंडिंग कर रहा था। भारत में खालिस्तानी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।
जैसे ही डिपोट होकर दिल्ली पहुंचा, पुलिस ने किया काबू
सीआईए स्टाफ से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी भूपिन्द्र सिंह उर्फ दिलावर सऊदी अरब में रह रहा था। पुलिस स्टेशन थाना फेज-1 मोहाली में साल 2017 में दर्ज केस में उसका नाम शामिल था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी करने के लिए सऊदी अरब में रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था।
इधर इंडिया में उसका लुक आउट नोटिस जारी हुआ था। इस कार्रवाई के बाद वहां की सरकार ने उसे डिपोट करके इंडिया भेज दिया था। जैसे ही वह इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली पहुंचा तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उसे मोहाली लेकर आई और कोर्ट में पेश करके रिमांड ले लिया
अभी इनकी तलाश है, लेकिन एड्रेस नहीं पता
खालिस्तानी समर्थकों पर आरोप थे कि सीनियर कांग्रेसी नेता जगदीश टाइटलर, सज्जन कुमार व एक शिव सेना नेता उनके निशाने पर था। इसके अलावा बरगाड़ी बेअदबी कांड को अंजाम देने वाले व्यक्ति भी इनके निशाने पर थे। पुलिस द्वारा इस केस में कुलवंत सिंह यूएसए, फतेह सिंह साउथ अफ्रीका, जरनैल सिंह ढिल्लों जर्मन, जरनैल सिंह साउथ अफ्रीका, भिन्दर सिंह साउथ अफ्रीका, जरनैल सिंह दुबई, सुरिन्द्र सिंह पुर्तगाल, सुरिन्द्र सिंह बब्बर यूके, रेशम सिंह बब्बर जर्मनी चीफ बीकेजी, अमनदीप सिंह उर्फ अमन जर्मन को भी नामजद किया गया था लेकिन पुलिस के पास उनके पूरे एड्रेस नहीं हैं। लेकिन पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए कोशिश कर रही है।
ऐसे सामने आया था केस
पुलिस के सीआईए स्टाफ ने बब्बर खालसा आतंकी संगठन से संबंधित चार सदस्यों को वर्ष 2017 के मई महीने में गिरफ्तार किया था। इनमें हरवरिन्द्र सिंह, अमृतपाल कौर उर्फ अमृत, जरनैल सिंह, रणदीप सिंह शामिल थे। उनके कब्जे से असलहा भी बरामद किया गया था। पुलिस स्टेशन फेज-1 मोहाली में सभी आरोपियों के खिलाफ अनलॉफुल एक्टिविटीज अमेंडमैंट ऑडर्स एक्ट की धाराओं 17, 18, 19, 20, 38 व आर्म्स एक्ट की धाराओं 25-54-59 के तहत केस दर्ज किया गया।
सभी पर आरोप था कि वे खालिस्तान जिंदाबाद ग्रुप बनाकर कर फेसबुक तथा अन्य सोशल मीडिया पर पाकिस्तान तथा उसके अलग-अलग पूर्वी देशों तथा यूके के कट्टरपंथी नौजवानों को एकत्र करने में जुटे हुए थे। अदालत में चालान पेश करने के बाद आरोपियों के खिलाफ अदालत ने आरोप तय कर दिए गए थे। लेकिन इस केस के कई आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं, जो कि विदेशों में बैठे हुए हैं।