5 वर्षीय बच्चे से कुकर्म के आरोपी दो नाबालिगों को चंडीगढ़ जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष दोनों के खिलाफ बोर्ड में केस साबित नहीं कर सका। दोनों नाबालिग आरोपियों के खिलाफ पिछले साल 27 जनवरी को सेक्टर-36 पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया था।
संबंधित केस कजेहड़ी निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज किया गया था। उसके अनुसार घटना वाले दिन वह मजदूरी करके घर आया तो उसके तीनों बच्चे घर पर ही थे। वहीं उसकी पत्नी पास की कोठियों में काम करने गई हुई थी। इस दौरान वह आराम करने लगा तो उसका दूसरे नंबर का पांच साल का बेटा उसके पास आया और पास ही खेलने की बात कहकर चला गया।
देर शाम तक तब उसका बेटा घर नहीं आया तो उसने उसकी तलाश शुरू की। काफी देर तक उसका कुछ पता नहीं चला। थोड़ी देर में जंगल की ओर से उसका बेटा दो अन्य नाबालिगों के साथ आता हुआ दिखाई दिया। जैसे ही वह उसके पास आया तो वह रोने लगा। इस पर उसने उन्हें बताया कि दोनों नाबालिगों ने उसके साथ गलत काम किया है। इसके बाद उन्होंने दोनों को दबोच लिया और पुलिस में शिकायत दी।