घटनास्थल पर जांच करती पुलिस टीम
शमशेर के भांजे सचिन ने बताया कि वे आमतौर पर हर रोज सात बजे दुकान खोलने आते थे। सोमवार को एक घंटा देरी से आए थे। साढ़े आठ बजे के करीब तीन युवक आए, उनमें से एक ने दूध मांगा और फायर शुरू कर दिए। एक युवक की पिस्तौल पकड़ने लगा तो दूसरे युवक ने उसकी तरफ भी फायरिंग कर दी। इसके बाद उसने भागकर जान बचाई।
झगड़े का कारण बता रहे पुरानी रंजिश
जिस प्राइवेट अस्पताल में शमशेर का इलाज चल रहा है, वहां खासी भीड़ जुटी थी। इस बात को लेकर चर्चा चल रही थी कि एक साल पहले शमशेर आजाद नगर में प्रॉपर्टी डीलर का काम करता था। उस दौरान पनिहार गांव के कुछ युवकों ने शमशेर से रुपये मांगे थे। कयास लगाए जा रहे थे कि रुपयों के लेनदेन को लेकर ही शमशेर पर गोली चलाई गई है।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना
दूध की डेयरी के पास एक दुकान पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इसके अलावा सामने एक पोल पर भी कैमरे लगे हैं। हमले की पूरी वारदात इन कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है। युवकों की हमले से पूर्व की गतिविधियां और हमले की घटना की बारीकी से जांच की जा रही है।
शमशेर के भांजे सचिन के बयान पर धारा 307, 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सीआईए की दो टीमें और एक टीम सिविल लाइन थाना की संदिग्धों की जांच-पड़ताल करने में जुटी हैं। शमशेर का ऑपरेशन चल रहा है, उसके बयान नहीं हो पाए हैं। -ललित कुमार, एसएचओ, सिविल लाइन थाना