जिला अदालत ने वीरवार को नाबालिग से दुराचार के आरोप में एक व्यक्ति को दोषी पाए जाने पर दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
सजा सुजाने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता बदला हुआ नाम सीमा देवी ने पुलिस को जनवरी 2014 में शिकायत दी थी। जिसमें उसने बताया कि उसके दो बच्चे हैं। जिनमें एक लड़का जबकि दूसरी लड़की (13 साल की) है।
उसकी बेटी चंडीगढ़ के स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ती है। उसका पति करियाने की दुकान करता है। 14 जनवरी 2014 रात 8 बजे उन्होंने बेटी को पिता की दुकान से घर का सामान लाने को भेजा। लेकिन जब वह दुकान से काफी देर तक सामान लेकर नहीं लौटी।
तो उन्होंने पति को फोन किया। जिस पर पति ने बताया कि उसे दुकान से गए काफी देर हो चुकी है। इस पर वह घबरा गई और बेटी तलाशने के लिए घर से बाहर निकली। वह गली में चिल्ला-चिल्ला कर अपनी बेटी का नाम लेने लगी।
इतने में ही घर के पास वाली गली में एक युवक छलांग लगा कर भागा। जिसे उन्होंने पकड़ने का प्रयास किया। लेकिन वह भागने में कामयाब हो गया।
इसी बीच दीवार के कोने मे बेटी रोती हुई बाहर निकली। जब उससे हमने रोने का कारण पूछा तो उसने बताया कि जब वह सामान लेकर वापिस आ रही थी। इस दौरान शिव वर्मा ने उसका हाथ पकड़ लिया। साथ ही रेप की वारदात को अंजाम दिया। साथ ही घटना को किसी को न बताने की धमकी दी है।