सेशन कोर्ट ने एक नाबालिग युवती पर उसकी शर्मनाक करतूत के चलते पुलिस को केस दर्ज करने के ऑर्डर जारी किए हैं। युवती ने परिजनों की खिलाफत कर नाबालिग होते हुए कुलेरी गांव के एक युवक से शादी कर ली थी। नाबालिग ने खुद को बालिग दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज पेश कर दिए।
कोर्ट में चले अभियोग के अनुसार दिसंबर 2014 में कुलेरी गांव के युवक ने एक युवती के साथ घर से भागकर शादी कर ली। कोर्ट के आदेश पर दोनों को पुलिस प्रोटेक्शन भी मिल गई।
उधर, लड़की के परिजनों ने दावा डाल दिया। सेशन कोर्ट में लड़की के परिजनों की तरफ से केस की पैरवी कर रहे एडवोकेट ने साबित कर दिया कि लड़की की डेट ऑफ बर्थ वर्ष 2000 की है।
मैंने नहीं किया सर्टिफिकेट जारी: हेड टीचर
एडवोकेट आरसी कक्कड़ ने बताया है कि सरदारगढ़िया स्कूल के हेड टीचर ने कोर्ट में खुद बयान दिए हैं कि उन्होंने लड़की का स्कूल सर्टिफिकेट जारी नहीं किया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने युवती और इस मामले में शामिल अन्य पर धोखाधड़ी और साजिश रचने के तहत सिविल लाइन थाना को केस दर्ज करने के ऑर्डर किए हैं।