राष्ट्रीय राजमार्ग-73 पर आईटीबीपी कैंप एरिया के सामने सेक्टर-26 के साथ लगते मदनपुर गांव से मंगलवार रात 10.15 बजे करीब 15 वर्षीय बच्ची का अपहरण हो गया।
अपहरण की कॉल चलते ही डीसीपी अश्विन शेणवी, चंडीमंदिर थाना पुलिस व रामगढ़ चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंची और जगह-जगह नाकाबंदी भी कराई गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। रात करीब 11.45 बजे तक डीसीपी भी मौके पर ही डटे रहे। हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद से बच्ची का पिता भी लापता है।
छोटे लाल अंडे की रेहड़ी लगाता है। मंगलवार रात छोटे लाल का बेटा 10 वर्षीय सोनू अंडे की रेहड़ी के पास खड़ा था, जबकि उसकी बहन ऊषा वहीं खड़ी थी।
सोनू ने बताया कि रात करीब 10.15 बजे एक बड़ी गाड़ी रेहड़ी के पास आकर रुकी और उसमें सवार युवकों ने दो अंडे खरीदे। साथ ही शराब के ठेके के बारे में पूछा।
उसने रेहड़ी से करीब 100 मीटर पीछे ठेके की जानकारी दी। इसके बाद वे ठेके पर गए और शराब खरीदी। फिर दो अंडे लिए और उसकी बहन ऊषा को भी जबरदस्ती गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद दोबारा ठेके के पास गाड़ी लेकर गए और पंचकूला की तरफ फरार हो गए।
पहले वह कुछ समझ नहीं पाया, लेकिन जब आसपास रेहड़ी लगाने वालों को बताया कि उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। कंट्रोल रूम से किडनैपिंग की कॉल चली और पुलिस भी मौके पर पहुंची। सोनू ने कहा कि उसने गाड़ी में सवार युवकों को पहले कभी नहीं देखा है।
उधर, जगह-जगह नाकाबंदी तो की गई, लेकिन पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस दौरान कोई भी संदिग्ध गाड़ी नहीं गुजरी। इसका मतलब है कि आरोपी ग्रामीण क्षेत्र के आसपास ही कहीं छुपे हैं।