तीन दोस्त 11 वर्षीय नाबालिग छात्र से मारपीट कर छह माह तक तीन लाख रुपये चोरी कराते रहे। जब नाबालिग ने तंग आकर चोरी करने से मना किया तो लाइटर से उसकी अंगुली जला दी और उसके प्राइवेट पार्ट में पेन डाल दिया। पीड़ित कुछ बता ना सके इसलिए उसकी वीडियो भी बना ली गई। मां ने हाथ जलने के निशान देखे तो बेटे से पूछताछ की। पहले तो बेटे ने मना किया, लेकिन जब मां ने दबाव डाला और उसके दोस्तों को बुलाया तो सब कुछ बता दिया।
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मामला हरियाणा के पानीपत जिले में सेक्टर-29 थाना स्थित एक कॉलोनी का है। बुधवार को परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने छह पोक्सो एक्ट सहित तीन अन्य धाराओं में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। परिजनों के कहने के बावजूद पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट भी नहीं लगाया। वीरवार रात नौ बजे परिवार वाले दोबारा थाने पहुंचे। उनका आरोप है कि पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। वहीं डीएसपी बिजेंद्र को फोन लगाया तो उन्होंने सुबह कार्रवाई करने की बात कहकर फोन काट दिया।
शुक्रवार को लोग सेक्टर थाना पहुंचे और एसएचओ का घेराव किया। मौके पर डीएसपी बिजेंद्र पहुंचे। काफी देर के हंगामे और पेट्रोल डालकर आग लगाने की धमकी के बाद पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट की धारा भी जोड़ दी। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पीड़ित के पिता ने डीएसपी बिजेंद्र पर आरोप लगाया है कि वह आरोपियों की मदद कर रहे हैं। डीएसपी ने इसका विरोध किया तो पिता ने कहा, डीएसपी आप दलित विरोधी हो, हमें आप पर विश्वास नहीं है।
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घर में हो रही थी चोरी, एक दूसरे पर शक के कारण बढ़ रहा था क्लेश
छात्र की मां ने बताया कि वह पार्लर व कपड़े की दुकान करती है। वहीं उनका दूध का भी काम है। इसी के साथ ही उनके महीने में 20 से 25 हजार रुपये किराए पर दिए गए मकान से आते हैं। उनके पति प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि छह माह से उनके घर से पैसे चोरी हो रहे थे। जिसके कारण उनके घर में एक दूसरे पर शक की नजर से देखने लगे थे। एक दूसरे से पैसे की बात पूछने पर घर में क्लेश रहता था।
इस प्रकार घर से निकले पैसे
मां ने बताया कि वह करीब 75 हजार रुपये अलमारी में रखकर छत पर गई थी। जब वापस आई तो अलमारी खुली थी और उससे पैसे गायब थे। वहीं उसके 15 दिन बाद घर से 20 हजार रुपये गायब हुए। फिर 10 दिन बाद 10 हजार रुपये निकाल लिए। 15 दिन बाद घर से 50 हजार रुपये निकल गए। वहीं उसके पति घर पर किसी प्रॉपर्टी के करीब चार लाख रुपये लेकर आए थे, जिनमें से भी 50 हजार रुपये की गड्डी गायब थी। वहीं रविदास जयंती के दिन उन्होंने बच्चे को चार हजार रुपये कपड़े खरीदने के लिए दिए, लेकिन बच्चे ने उसमें से भी दो हजार रुपये आरोपी को दे दिए।
ऐसे हुआ शक और खुलासा
मारपीट के बाद जब भी छात्र अपने घर पर जाता था तो वह गुमसुम रहता था। परिजनों का शक बढ़ने लगा। एक दिन मां ने जली हुई अंगुली देखी तो उसने बेटे से पूछताछ की, लेकिन छात्र ने कुछ नहीं बताया। फिर मां ने छात्र के दोस्त के परिजनों को मामले की पूछताछ करने के बारे में कहा। जब उसके परिजनों ने छात्र के दोस्त पर दबाव डाला तो उसने पूरी बात बताई।
छात्र आरोपी के चंगुल में कैसे फंसा
छात्र के दोस्त ने बताया कि वह दोनों एक दिन घर के पास खेल रहे थे। इस बीच आरोपी आया और उसके दोस्त को जबरदस्ती अपने साथ ले गए। अनहोनी की आशंका से उसने उनका पीछा किया। आरोपी दोस्त को एक खाली प्लॉट में ले गया, जहां पर उसने उसके साथ मारपीट की।
आरोपी ने उसे भी बुलाया, लेकिन वह उसकी आंखों में रेत फेंककर दोस्त को आरोपी की चंगुल से छुड़ाकर फरार हो गया। आरोपी ने अन्य दोस्तों के माध्यम से उसके दोस्त को फिर बुलाया और जान से मारने की धमकी दी। आरोपी उससे पैसे मांग रहा था, जिस वजह से वह चोरी करने लगा। पीड़ित छात्र अपने एक दोस्त को पैसे देता था, एक दोस्त दूसरे को और दूसरा तीसरे दोस्त को पैसे देता। अंत में तीसरा दोस्त आरोपी को पैसे देता था।
बच्चे को न्याय दिलाओ डीएसपी साहब : डॉ. प्रदीप
जब पुलिस ने कार्रवाई करने से इनकार किया तो डॉ. प्रदीप कुमार सेक्टर 29 थाना में पहुंचे। उन्होंने डीएसपी बिजेंद्र को कहा कि बच्चे को न्याय दिलाओ, भाषण बाजी से कुछ नहीं होगा। वैसे भी पुलिस बदनाम है, उनका मुंह न खुलाएं। इतना कहते ही आसपास के सभी पुलिसकर्मियों में हड़कंप मंच गया।
पिता ने डीएसपी को आरोपी द्वारा बेटे की बनाई वीडियो दिखाई, उसके बाद भी डीएसपी ने कोई कार्रवाई करने से मना कर दिया। वहीं दूसरे ही सेकेंड उन्होंने कहा कि वह कार्रवाई करवा रहे है, शांत रहो। इतना सुनते ही उसके पिता ने बाहर इंतजार कर रहे लोगों को बाइक से पेट्रोल निकालने की बात कही और सभी के सामने खुद को जिंदा जलाने की धमकी दी।
पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। परिजनों ने चार के खिलाफ शिकायत दी है। केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को न्यायालय में पेश कर आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। - विक्रांत सिंह, प्रभारी, सेक्टर 29
एक दिन पहले ही शिकायत मिली थी, उसी समय केस दर्ज कर परिजनों को एफआईआर की कॉपी दी गई थी। वहीं पिता की तरफ से कोई भी रिकॉर्डिंग नहीं सुनाई गई। परिजनों की तरफ से लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है। - बिजेंद्र, डीएसपी