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मर्सिडीज लूट मामला: लावारिस मिली कार, लगा था फर्जी नंबर प्लेट

Mon, 03 Oct 2016 01:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ पुलिस पीसीआर - फोटो : File Photo
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चंडीगढ़ के सेक्टर-15 के बिजनेसमैन से एक माह पहले लूटी गई मर्सिडीज कार रविवार को पुलिस ने सेक्टर-38 की एक पार्किंग से बरामद की है। कार पर पंजाब की नंबर प्लेट लगी थी। कार की हालत देखकर यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि लूट के बाद से यह यहीं पर खड़ी होगी।
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सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़ा हो रहा है कि इलाके में गाड़ी लावारिस हालत में इतने समय से खड़ी है और उस इलाके के  बीट इंचार्ज या उस इलाके में गश्त करने वाले पुलिसकर्मियों का उस कार पर ध्यान ही नहीं गया। डीएसपी सेंट्रल रामगोपाल ने बताया कि सेक्टर-38 निवासी एक व्यक्ति ने मर्सिडिज काफी दिन से पॉर्किंग में खड़ी होने की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर जाकर वेरीफाई किया तो वह सेक्टर-15 से लूटी हुई मर्सिडीज निकली।

इसके बाद सेक्टर-11 थाना पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लेकर थाने में खड़ी करवा दी। गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट मिली है, जिस पर पीबी 22 एच 9290 नंबर लिखा हुआ था। यह नंबर पंजाब के फाजिल्का से रजिस्टर्ड है। सेक्टर-11 थाना पुलिस की एक टीम गाड़ी मालिक के घर निकल गई है। पुलिस को शक है कि लुटेरों ने नंबर प्लेट वाली गाड़ी चुराई भी हो सकती है।
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महिला ने चलती गाड़ी से लगा दी थी छलांग

Chandigarh Mercedes loot - फोटो : File Photo
1 सितंबर 2016 की शाम को सेक्टर-15 निवासी बिजनेसमैन सुखदेव सिंह अपनी पत्नी के साथ आजाद मार्केट में सामान लेने गए थे। करीब 8:40 बजे पत्नी परमप्रीत को गाड़ी में बैठाकर वह पनीर लेने वेरका बूथ पर गए। इसी बीच 2 युवक आए और उन्होंने परमप्रीत से गाड़ी आगे करने को कहा।

इस बीच जैसे ही उन्होंने ड्राइविंग सीट के साथ वाली खिड़की खोलकर जवाब देने की कोशिश की तो अचानक 1 युवक ने अंदर से चाबी निकाल ली। इसके बाद दोनों ने परमप्रीत सहित गाड़ी चला दी। कुछ ही दूरी पर जाकर महिला ने बहादुरी दिखाते हुए चलती गाड़ी से छलांग लगा दी। इसके बाद सूचना सेक्टर-11 थाना पुलिस को दी गई। 

पुलिस की जांच सवालों के घेरे में 
यहां हैरानी की बात यह है कि वारदात के बाद पुलिस ने शहर के आसपास के टोल प्लाजा, एंट्रेंस व एग्जिट प्वाइंट पर लगे सीसीटीवी कैमरे तक खंगाल डाले थे, लेकिन शहर से कार बाहर निकलने का कोई सबूत नहीं मिला था। पुलिस भी मान रही थी कि कार शहर से बाहर नहीं निकली फिर उसके बावजूद कार एक महीने से ज्यादा समय तक सेक्टर-38 में खड़ी रही और पुलिस को पता तक नहीं चला।
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