छह नवंबर को मोहाली बस अड्डे के निकट दो गुटों के बीच हुई फायरिंग मामले में मुख्य आरोपी मीत ने रविवार को पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। पुलिस सोमवार को उसे अदालत में पेश करेगी।
मीत के सरेंडर करने के साथ ही फेज-8 में दो गुटों में हुई फायरिंग मामले में अब तक 15 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। जबकि छह नवंबर को जब फायरिंग हुई थी, उस समय वहां पर करीब 200 से अधिक युवक मौजूद थे।
बहरहाल, इस मामले में अब भी कई आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जबकि इस प्रकरण में दूसरे ग्रुप के मुख्य आरोपी चंडीगढ़ वासी सोनू शाह का सुराग लगाने में पुलिस विफल रही है।
जिक्रयोग है कि पिछले दिनों पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने टीमें बनाकर जीरकपुर स्थित डिस्क में छापेमारी कर वहां से सात युवकों को पूछताछ के लिए उठाया था।
यह था पूरा मामला
पुलिस
- फोटो : file photo
खास बात यह है कि जहां एक के बाद एक गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है, लेकिन पुलिस फायरिंग प्रकरण के पीछे दोनों गुटों में किस बात को लेकर विवाद था, इस बारे में अब तक अधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है।
इसके अलावा अभी तक यह भी सुराग नहीं लग सका है कि इस फायरिंग प्रकरण में घायल हुए लोग कौन थे और उन्हें किस अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
यह था मामला
छह नवंबर की शाम को करीब पांच बजे मोहाली बस अड्डा फेज-8 में कुछ युवक इकट्ठा हुए थे। यह सभी कारों में सवार होकर आए थे। युवकों के पास बंदूकें और अन्य हथियार थे।
देखते ही देखते दशहरा ग्राउंड की ओर से आए युवकों को सामने पाकर बस अड्डे की ओर से फायरिंग शुरू हुई थी। हालांकि पहले हवाई फायर किए गए और उसके बाद दोनों ओर से आमने-सामने से गोलियां चलाई गईं थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने करीब 150-250 के बीच गोलियां चलाने की पुष्टि की थी।