जालंधर के मकसूदां थाने में ब्लास्ट का तानाबाना विदेशों में बुना गया था और इसमें सक्रिय आतंकी गुट का हाथ था। जिसको पंजाब में स्लीपर सेल के जरिये अंजाम दिया गया था। देश की सुरक्षा से मामला जुड़ा देख पुलिस अधिकारियों ने डीजीपी सुरेश अरोड़ा को सारे घटनाक्रम व लीड को सौंप दिया है। इसके लिए अब आगे केंद्रीय एजेंसियों की जरूरत पड़ेगी, जिसके लिए डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने केंद्र सरकार से इस बारे में पूरी सहायता मांगी है।
दरअसल, पंजाब में पिछले कुछ समय में पंजाब में लगातार ऐसी घटनाएं हो रही थी, जिसमें आतंकी संगठनों का हाथ था। नवांशहर में आतंकवादियों के स्लीपर मॉड्यूल ने शराब के ठेके को आग लगा दी थी। इसके अलावा बठिंडा में भी वारदात हुई और बाद में मोहाली पुलिस ने भी आतंकवादियों के स्लीपर मोड्यूल को ध्वस्त किया था। जिसमें सामने आया था कि पाकिस्तान, इंग्लैंड और कनाडा में बैठे खालिस्तान समर्थक पंजाब के युवकों को फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार कर रहे थे।
आतंकियों ने मिलकर खालिस्तान जिंदाबाद नाम का एक नया मॉड्यूल भी तैयार कर पंजाब में वारदात के लिए मिशन पर थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बठिंडा, नवांशहर व मोहाली की घटनाओं को लीड लेकर ही जालंधर में मकसूदां थाना ब्लास्ट की जांच को शुरू किया गया। कई कॉल्स डिटेल खंगाली तो सामने आया कि ब्लास्ट के तार विदेशों से जुड़े हैं और इसका सीधा संबंध पंजाब में दोबारा आतंकवाद को खड़ा करने से हैं।
सूत्रों के मुताबिक डीजीपी द्वारा गठित टीमों को सारे इनपुट मिल गए हैं, लेकिन पंजाब की पुलिस का दायरा विदेशों में जांच का नहीं है। इसलिए पंजाब पुलिस की टीमों ने सारी जानकारी डीजीपी को दी है, ताकि केस में आगे सीबीआई व एनआईए के माध्यम से जांच को बढ़ाया जा सके। बता दें कि सोमवार को लंदन में कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े सिखों के कई ठिकानों पर ब्रिटेन पुलिस की काउंटर टेररिज्म यूनिट ने छापेमारी की।
लंदन पुलिस को गुरशनबीर सिंह की तलाश थी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। पंजाब के डीजीपी इसी जांच को आगे बढ़ाने जा रहे हैं और उन्होंने सूची केंद्र सरकार की एनआईए व सीबीआई को सौंपी है, ताकि विदेशों की काउंटर टेररिज्म पुलिस जांच कर सके। लंदन में हुई हुई छापेमारी को इसी ब्लास्ट से जोड़कर देखा जा रहा है।