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ड्यूटी कर रहे कांस्टेबल को टक्कर मारकर भाग गया था, कोर्ट ने सुनाई ये सजा

Sun, 30 Apr 2017 02:50 PM IST
अमरीश शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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ड्यूटी कर रहे कांस्टेबल टक्कर लगने के बाद उछलकर आ गिरा था बोनट पर, चालक तब भी दौड़ता रहा था काम। मामले में अब सजा सुनाई गई है। निचली अदालत के आदेश को पलटते हुए सेशन कोर्ट ने खुड्डा अली शेर निवासी कुलदीप सिंह को एक साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। निचली अदालत ने कुलदीप सिंह को 28 सितंबर 2015 में बरी कर दिया था। अदालत के इस आदेश के खिलाफ पुलिस ने सेशन कोर्ट में अपील की थी।
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मामला दो जुलाई 2012 का है। कांस्टेबल बलजिंदर सिंह एएसआई जगतार सिंह के साथ हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट पर ट्रैफिक ड्यूटी पर थे। शाम करीब छह बजे चंडीगढ़ नंबर की एक फोर्ड फिगो पंचकूला से आती दिखाई दी। उस पर ब्लैक फिल्म चढ़ी हुई थी। इस पर कार को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने कार रोकने की बजाय बलजिंदर को टक्कर मार दी। इससे वह उछल कर कार के बोनट पर आ गिरे। इसके बावजूद कार चालक ने कार नहीं रोकी।

कांस्टेबल ने खुद को गिरने से बचाने के लिए शीशा साफ करने वाला वाइपर पकड़े रखा। वहीं अन्य पुलिसकर्मियों ने कार चालक का पीछा शुरू कर दिया। पुलिस को पीछे आते देख कार चालक ने और स्पीड बढ़ा दी। हालांकि आगे जाकर ट्रैफिक लाइट पर जाम होने के कारण उसे कार रोकनी पड़ी। इस पर कांस्टेबल बलजिंदर बोनट से उतरे और कार चालक को दबोच लिया।  आरोपी कार चालक की पहचान खुड्डा अलीशेर निवासी कुलदीप सिंह के तौर पर हुई। उसके खिलाफ मनीमाजरा पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया था।
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केस के ट्रायल के बाद निचली अदालत ने कुलदीप को बरी कर दिया था। वहीं इस आदेश के खिलाफ दाखिल अपील पर सुनवाई करते हुए सेशन जज ने कुलदीप को दोषी पाया। हालांकि अदालत में धारा 279 (रैश और लापरवाही से कार चलाने) साबित नहीं हो सकी। अदालत ने कुलदीप को सरकारी कर्मी की ड्यूटी में बाधा पहुंचाने और ड्यूटी के दौरान उसे जख्मी करने का दोषी पाया और एक साल की सजा के साथ दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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