वीआईपी रोड पर प्रॉपर्टी डीलर गुलशन पसरीचा पर गोली चलाने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी जगतार सिंह निवासी मानसा को काबू कर लिया है।
उसने शिकायतकर्ता से पैसे के लेन-देन को लेकर उस पर गोली चलाई थी। एसएसपी एवं एसपी डेराबस्सी ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में डेराबस्सी में यह जानकारी दी।
एसएसपी ने बताया कि उमेश डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड का मालिक गुलशन पसरीचा निवासी सावित्री एन्क्लेव टॉवर नंबर 4 ने पुलिस को शिकायत की थी कि जब वह 29 जनवरी की रात कार से घर जा रहा था, तभी वीआईपी रोड पर अज्ञात व्यक्ति ने उसे मारने की नीयत से फायर किया, जो उसकी गाडी के बीच वाली खिड़की के ऊपरी शीशे के पास लगा।
फायर करने के बाद आरोपी अपनी स्विफ्ट कार में मौके से भाग गए थे। पुलिस ने उसी दिन हरजीत सिंह नागपाल निवासी डेराबस्सी, विपन नाई निवासी डेराबस्सी, अजय कपूर निवासी पंचकूला, मुकेश शर्मा एवं रामपाल के खिलाफ धारा 307, 120बी, 148,149,427 एवं असला एक्ट के तहत मामला दर्ज कर एसपी सर्किल डेराबस्सी अनिल शर्मा, जीरकपुर थाना मुखी रविंदर पाल सिंह एवं सहायक थानेदार बरमा सिंह की टीम ने मामले की जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि यह गोली जगतार सिंह निवासी जवाहर के थाणा कोट धर्म जिला मानसा ने चलाई थी, जिसे पुलिस ने मानसा से काबू कर लिया। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार की गई है।
उन्होंने बताया कि कथित आरोपी ने यह फायर अपनी .12 बोर की लाईसंसी राईफल से किया था जिसका खोल भी बरामद कर लिया गया है। श्री भटी ने बताया कि जांच में सामने आया कि कथित आरोपी जगतार सिंह डेराबस्सी, जीरकपुर व लालडू के कुछ बिलडरों के लिए पैसे लेकर काम करता हे जिस के खिलाफ पहले भी झगडे वाली जमीनों के कब्जे लेने सहित कईं मामले दज्र हैं जिनकी जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान कथित आरोपी ने यह माना कि वह शिकायतकर्ता के लिए काम करता था व उसने कथित तौर पर गूलशन पसरीचा से पांच करोड रू लेने थे जो कि वह बार बार मांगने पर भी नही दे रहा था जिस कारन गुस्से में आकर उसे डराने के लिए फायर किया था।
वारदात वाले दिन उसका एक और साथी भी मौजूद था जो फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही हे। मामले में एफ आई आर में नामजद और कथित आरोपीयों के बारे में पूछने पर श्री भटी ने कहा कि नामजद आरोपीयों की इस मामले में भूमिका की जांच की जा रही हे। आरोपी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्यवाई की जाएगी और बेकसूर होने पर उन्हे क्लीन चिट दी लाएगी।