ओंकार सिंह का कहना है कि मकसूदां पुलिस मामले की जांच कर रही थी और उल्टा उसके भाई पर ही शक कर शिकायत वापस लेने का दबाव डालना शुरू कर दिया था। इस कारण उसके भाई ने परेशान होकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। करतारपुर के डीएसपी सुरिंदर धोगड़ी का कहना है कि बुधवार को जरनैल सिंह शिकायत लेकर मकसूदां थाने आया था कि उससे तीन लाख रुपये की लूट हुई है।
पुलिस की तरफ से पूरी छानबीन की गई। एक टीम ने रंधावा मसंदा बैंक के सीसीटीवी चेक किया तो पाया कि जरनैल सिंह ने जब राशि निकाली तो कोई संदिग्ध उसके आसपास नहीं था। रास्ते में लगे सीसीटीवी की भी जांच की तो पाया कि कोई बाइक सवार लुटेरे उसका पीछा नहीं कर रहे थे।
रंधावा मसंदा से सीधी पक्की सड़क करतारपुर हाईवे की तरफ आती है लेकिन जरनैल सिंह कच्चे मार्ग से क्यों गया जहां लूट की वारदात की बात जरनैल सिंह कह रहा था। वहां पर कार रुकने या बाइक के तेजी से निकलने का कोई निशान कच्ची मिट्टी की सड़क पर नहीं था। आगे सीआरपीएफ का हेडक्वार्टर है और आस-पास सीसीटीवी लगे हैं लेकिन किसी सीसीटीवी में बाइक सवार लुटेरे आते जाते नहीं दिख रहे हैं।
डीएसपी का कहना है कि जरनैल सिंह ने यह भी कहा था कि लुटेरों ने उसकी टी शर्ट को फाड़ दिया था लेकिन जरनैल सिंह उस टी शर्ट को भी पुलिस के आगे पेश नहीं कर रहा था। जरनैल सिंह से पूछताछ कर सिर्फ जांच की जा रही थी ताकि लुटेरों तक पहुंचा जा सके लेकिन जरनैल सिंह खुद घबरा गया और उसने ट्रेन के आगे छलांग लगाकर जान दे दी।