एयरपोर्ट रोड पर टीडीआई सिटी के पास सोमवार देर रात सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में एक बेकाबू कार सड़क किनारे डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट के खंभे से टकरा गई, इससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, कार सवार खुर्द बहादुर उर्फ दीपक निवासी नेपाल की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें आशा उर्फ अंशू, राज बहादुर उर्फ राजू व बहादुर उर्फ बादल राना निवासी नेपाल बताए जा रहे हैं। सभी अलग-अलग कॉलोनाइजर कंपनियों में काम करते थे। बलौंगी थाने की पुलिस ने कार चालक बहादुर उर्फ बादल के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार देर रात दो बजे दीपक, अंशू, राजू व बहादुर सियाज कार में एयरपोर्ट रोड पर मोहाली से खरड़ की तरफ जा रहे थे। कार जब टीडीआई सिटी के पास पहुंची तो आगे एक लंबे मोड़ पर वह अचानक बेकाबू हो गई। कार चालक ने ब्रेक लगाने की कोशिश की, इससे सड़क पर टायरों के निशान पड़ गए। कार की स्पीड ज्यादा होने के कारण वह सड़क किनारे खंभे से टकरा गई। इसके बाद कार की बॉडी फोल्ड होकर नीचे जा गिरी।
वहीं, कार की टक्कर से खंभा भी नीचे गिर गया। किसी राहगीर ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पुलिस ने घायलों को फेज-6 सिविल अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने खुर्द बहादुर को मृत घोषित कर दिया। जबकि एक घायल को जीएमसीएच-32 अस्पताल व एक को फेज-6 सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चरी में रखवा दिया गया है। साथ ही मृतक के परिवारों को सूचित कर दिया है।
ऐसा लगा जैसे कोई बम फट गया हो
Accident
- फोटो : अमर उजाला
बल्लोमाजरा निवासी सतबीर सिंह ने बताया कि रात करीब दो बजे वह सो रहे थे। उस समय जोर से धमाका हुआ। ऐसा लगा जैसे कोई बम फट गया हो। इसके बाद वह अपने पारिवारिक मेंबरों के साथ बाहर निकले। इसी बीच उन्हें लगा कि कोई हादसा हुआ है। वह सीधे घटना स्थल पर पहुंचे। चार युवक कार में फंसे हुए थे। वह पूरी तरह खून से लथपथ थे।
इसके बाद उन्होंने और वहां पर मौजूद लोगों ने रॉड से कार का शीशा तोड़कर घायलों को बाहर निकाला। साथ ही पुलिस को सूचित कर घायल को अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि घायलों के पास से शराब की बदबू आ रही थी।
जानकारी के मुताबिक जिस समय हादसा हुआ। उस समय कार की रफ्तार बहुत अधिक थी। इसका अंदाजा कार के स्पीडो मीटर से लगाया जा सकता है। कार के स्पीडोमीटर वाली सुई 200 की स्पीड पर रुकी हुई थी। वहीं, कार सवार का सारा सामान भी बीच में ही रह गया था।