जैसे ही महिला का बेटा और बहू ड्यूटी पर गए तो आरोपियों ने घर की घंटी बजाई। उन्होंने हाथ में गैंती और कस्सी पकड़ी हुई थी। महिला ने दरवाजा खोला तो आरोपियों ने कहा कि वह नगर निगम से सीवरेज लाइन साफ करने आए हैं। इसके बाद उन्होंने सीवरेज लाइन को खोलने का ड्रामा किया और महिला को पानी पिलाने की बात कही।
जैसे ही महिला पानी लेकर आई तो आरोपी महिला को धक्का देकर घर के अंदर ले गए और उस पर कुछ स्प्रे कर दिया, जिससे वह बेसुध हो गई। आरोपियों ने महिला के हाथ रस्सी व दुपट्टे से बांधकर स्टोर में फेंक दिया और फिर घर का सारा कीमती सामान निकाल लिया। इसके बाद आरोपी महिला को कमरे में ले आए और कुर्सी पर बैठा दिया।
एक आरोपी ने ऊपरी मंजिल पर भी तलाशी ली। महिला ने बताया कि इस दौरान आरोपी उससे पूछ रहे थे कि उसकी बहू के गहने कहां पर हैं। इस पर उसने कहा कि बहू जल्दी ही आने वाली है। इसके बाद आरोपी जल्द सारा सामान इकट्ठा करके फरार हो गए। महिला का कहना था कि आरोपी पुराने डीसी ऑफिस की तरफ भागे थे। कई सीसीटीवी कैमरों में आरोपी कैद भी हुए हैं, लेकिन अभी तक उनका सुराग नहीं लग पाया। आरोपी करीब एक घंटे तक घर में रहे।
महिला ने बताया कि आरोपी पंजाबी में ही बातचीत कर रहे थे। वह सांवले रंग के लग रहे थे। एक का शरीर भारी था। जिस तरह से वह गैंती व कस्सी लेकर आए थे, उससे लगता ही नहीं था कि वह चोर हैं। महिला के मुताबिक काफी देर तक वह उनके गेट के बाहर बैठे रहे। उनके बेटे व बहू ने भी उनको देखा है।
बाइक मार्केट के बैक साइड खड़ी करके आए थे
आरोपी इलाके से पूरी तरह से भेदी थे। वह अपनी बाइक महिला के घर से करीब 200 मीटर दूर सड़क पार मार्केट की बैक साइड में खड़ी करके आए थे, ताकि वारदात के बाद आसानी से रिहायशी इलाके से होते हुए भाग पाएं।
बेटा साइंटिस्ट व बहू है टीचर
महिला का बेटा साइंटिस्ट है, जबकि बहू टीचर है। महिला ने बताया कि उसके बेटे की राजभवन में किसी मामले को लेकर मीटिंग थी, जिसके लिए वह घर से गया था लेकिन वारदात के बाद सारे मेंबर तुरंत घर पहुंच गए थे।
बच गई महिला की सोने की चूड़ियां
आरोपी काफी शातिर थे, लेकिन जब महिला ने आरोपियों को बताया कि उनकी बहू जल्द ही आने वाली है। इसके बाद आरोपी काफी तेजी से वहां से निकले। ऐसे में महिला के हाथ में पहनी सोने की चूड़ियों की तरफ उनका ध्यान नहीं गया। हालांकि इस दौरान एक चूड़ी टूट गई थी।
जिस जगह पर वारदात हुई, उससे चंद कदमों की दूरी पर ही पुलिस दफ्तर है। इसके अलावा उसी इलाके में कई पुलिस अधिकारियों के आशियाने भी हैं। ऐसे में इस वारदात से पुलिस सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
हमारे मुलाजिम ऐसा सामान प्रयोग नहीं करते
जब वारदात हुई, उसके बाद पुलिस ने शहर में सफाई का काम देखने वाली प्राइवेट कंपनी के अधिकारियों व नगर निगम के सफाई मुलाजिम यूनियन के प्रमुख को मौके पर बुलाया। साथ ही रिकॉर्डिंग में दिख रहे लोगों के बारे में पूछा लेकिन किसी ने उनको नहीं पहचाना। उन्होंने कहा कि कस्सी और गैंती तो हमारे मुलाजिम प्रयोग ही नहीं करते।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी वारदात
यह पहला मौका नहीं है जब शहर में बंधक बनाकर लूट को अंजाम दिया गया हो। 2014 में फेज-3बी1 में एक प्रॉपर्टी कारोबारी के घर में इसी तरीके से लूट हुई थी। बाद में आरोपी पकड़े गए थे, जबकि फेज-6 में एक परिवार को बंधक बनाकर लूटा गया था। सारी वारदात दिन के समय में हुईं थीं। उसके बाद आरोपी पकड़े गए थे, जिन्हें सजा भी हुई थी।