बैंकों से कैश इकट्ठा करती है सीएमएस
जानकारी के अनुसार सीएमएस कंपनी कैश कैरी करने वाली कंपनी है जो विभिन्न बैंकों से कैश इकट्ठा करती है। विभिन्न एटीएम में कैश डालने का काम भी इस कंपनी का है। कंपनी के मुलाजिम देर शाम को सारा कैश इकट्ठा करने के बाद दफ्तर पहुंच जाते है। वहां गिनती करवा कर कैश जमा करवा दिया जाता है और कंपनी के मुलाजिम चैस्ट में कैश रखने के बाद उसे विभिन्न तरह के लॉक लगाकर सुरक्षित रख लेते है।
शुक्रवार को भी कंपनी के मुलाजिमों ने कैश जमा करवाया और जो मुलाजिम कैश चैस्ट में रखते है उन्होंने बोरियां भर कर करीब सात करोड़ रुपये चेस्ट के बाहर ही रख दिए। अब पैसे बाहर क्यों रखे गए, ये सबसे बड़ा सवाल है। देर रात दो हथियारबंद सुरक्षा कर्मचारी सुखविंदर संधू और हरीश शर्मा मौजूद थे, जबकि उनके साथ तीन युवक भी ड्यूटी पर थे। शुक्रवार की देर रात करीब एक बजे दो लुटेरे पीछे के रास्ते से दफ्तर के अंदर दाखिल हो गए। उन्होंने दाखिल होने से पहले सेंसर की वायर काट दी। उसके बाद मेन गेट खोल दिया। जिसके बाद सात से आठ लुटेरे दफ्तर के अंदर घुस आए और उन्होंने आते ही पांचों मुलाजिमों को बंधक बना लिया। जिसके बाद उन्होंने चेस्ट के बाहर पड़ा सारा कैश संभाल लिया। उसके बाद उन्होंने हर एक गाड़ी को खोल कर चेक किया। मगर किसी गाड़ी में कैश नहीं मिला तो उन्होंने एक गाड़ी में करीब सात करोड़ रुपये की नकदी रखी और वहां से फरार हो गए।