डेढ़ साल की मासूम बच्ची का गला दबाकर हत्या करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसके अग्रवाल की अदालत ने मंगलवार को यमुनानगर निवासी महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी महिला पर बीस हजार रुपये जुर्माना भी किया।
फैदा गांव निवासी ममता की डेढ़ साल की बच्ची की मौत 10 मई 2013 को हो गई थी। ममता ने मामले की जानकारी अपने पति सोनू को दी और मकान मालिक मेवा सिंह ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी।
पुलिस ने जब पूछताछ की तो ममता ने अपनी बच्ची की हत्या का आरोप पड़ोस में रहने वाली महिला अनीता पर लगा दिया। जांच में पता चला था कि ममता का कुरुक्षेत्र के युवक से प्रेम संबंध था। प्रेमी ने ममता से कहा था कि यह बच्ची उसकी है, जबकि मां इस बात को उजागर नहीं होने देना चाहती थी।
इस पर जब प्रेमी ने दबाव बनाया तो ममता ने बच्ची की गला घोट कर हत्या कर दी थी। सेक्टर 31 थाना पुलिस ने फैदा गांव निवासी मेवा सिंह की शिकायत पर ममता के खिलाफ हत्या का मामला दर्जकर उसे गिरफ्तार किया था।
अदालत ने कहा...जिन हाथों से प्यार पाना था उन्हीं ने गला दबा दिया
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मां होना एक महिला के लिए दुनिया का सबसे बड़ा सौभाग्य है। मां और बच्चे से बड़ा कोई भी इस दुनिया में पवित्र रिश्ता नहीं है।
सामान्य परिस्थिति में अगर बच्चे को मामूली चोट लग जाए तो मां सहन नहीं कर पाती। डेढ़ साल की बच्ची की हड्डियां भी कमजोर थीं। अभी तो बच्ची को सिर्फ अपनी मां ही दिखाई देती है।
जिन हाथों में बच्ची को प्यार पाना था उन्हीं हाथों ने मासूम बच्ची को गला दबाकर हत्या कर दी। ममता पर हत्या का मामला साबित होता है। परिस्थिति के अनुसार महिला की उम्र को देखते ही मामले को अति गंभीर नहीं माना जा रहा है।