पीसीआर में तैनात लेडी कांस्टेबल रीटा संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई है। फिलहाल सेक्टर-17 पुलिस ने उसके पिता रमेश की शिकयत पर महिला कांस्टेबल के अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार रीटा के पास दो मोबाइल फोन हैं और दोनों ही बंद हैं। साइबर क्राइम की टीम रीटा की अंतिम लोकशेन चेक कर रही है। इसके साथ ही उसके मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है।
रीटा मूल रूप से हरियाणा के जिला पानीपत के गांव चुकलाणा की रहने वाली हैं। पुलिस के अनुसार रीटा 9 जून को दो दिन की छुट्टी लेकर अपने गांव गई थी। पुलिस के अनुसार उसने उस दिन 12.30 बजे कार्यालय छोड़ा था। पिता रमेश का कहना है कि आमतौर पर बेटी शनिवार को आती थी और रविवार को लौट जाती थी।
ऐसे पता लगा परिजनों को
परिजनों को अपने गांव में ही पता चला था कि उनकी बेटी गायब है और बेटी के मोबाइल फोन बंद हैं। रीटा जो अपने साथ बैग लेकर शहर से गई थी वह बैग पानीपत में गांव से मिला। जब गांव के लोगों ने बैग की चेकिंग और इसकी जानकारी लड़की के परिजनों को दी गई। बैग में लेडी कांस्टेबल के कुछ दस्तावेज थे। रीटा की ड्यूटी पीसीआर मुंशी स्टाफ में थी जो कि सेक्टर-17 पुलिस थाने में ही तैनात थी।
कांस्टेबल रविंदर भाई के समान
मामला दर्ज करने के बाद पुलिस की जांच में एक बात सामने आई थी कि सेक्टर-19 में तैनात कांस्टेबल रविंदर के साथ रीटा काफी करीबी है। सेक्टर-17 पुलिस थाना प्रभारी दिलशेर चंदेल का कहना है कि परिजनों ने रविंदर पर कोई शक नहीं जताया है। पिता रमेश कुमार का भी कहना है कि रविंदर (40) रीटा के भाई के समान है।
परिजनों से की पूछताछ
डीएसपी आशीष कपूर ने मंगलवार को रीटा के परिजनों और उनके रिश्तेदारों से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की है, लेकिन परिवार के सदस्यों ने किसी भी जानकारी के होने से इंकार किया है।
पुलिस ने मंगलवार को उन महिला पुलिस कर्मचारियों के साथ भी पूछताछ की है जो कि रीटा के साथ काम करती थी एवं जिनके साथ उनकी दोस्ती थी। परिजनों ने बताया कि हल्लोमाजरा में रीटा करीब एक माह से रह रही थी।