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ज्योति मर्डर केस: जानिए सनसनीखेज खुलासे

Tue, 07 Jan 2014 12:07 AM IST
मोहित धुपड़/ अमर उजाला, चंडीगढ़
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बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में फंसे हिमाचल प्रदेश के दून से कांग्रेस विधायक  रामकुमार चौधरी तो अंबाला सेंट्रल जेल में बंद है।
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मगर उनकी पत्नी पर ज्योति के पिता को धमकाने के जो आरोप लगे हैं उससे पिछले दो महीनों के दौरान जेल में हो रही मुलाकातें भी संदेह के घेरे में आ गई हैं।

ज्योति के पिता बूटी राम ने आरोप लगाया था कि रामकुमार की पत्नी और परिजनों ने एक दिसंबर से 23 दिसंबर के बीच उसे कई बार धमकी दी और अदालत में बयान से पलटने पर मजबूर किया।

जेल के रिकार्ड और सूत्रों के मुताबिक 1 दिसंबर से पहले 29 नवंबर, 26 नवंबर, 22 नवंबर और दिसंबर में तीन दिसंबर, छह दिसंबर, 10 दिसंबर, 13 दिसंबर, 17 दिसंबर और 20 दिसंबर को रामकुमार से उसकी पत्नी, भाई और भतीजे ने मुलाकातें कीं। इस दौरान मिलने कभी भाई और पत्नी साथ आते थे और कभी भतीजा और भाई।  
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रामकुमार पेट दर्द से पीड़ित
करीब एक साल से अंबाला सेंट्रल जेल में बंद रामकुमार चौधरी को आजकल पेट दर्द की शिकायत है। हाल ही में उसे जेल से अंबाला सिटी के सिविल अस्पताल में भी भर्ती करवाया गया था। पूरी रात विधायक ने अस्पताल में गुजारी और अगली सुबह उन्हें वापस सेंट्रल जेल भेजा गया।

उध्ार ज्योति के पिता बूटी राम को धमका कर गवाही से मुकरने को मजबूर करने के संबंध में पंचकूला पुलिस की जीरो एफआईआर मिलने के बाद होशियारपुर की पंजाब पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सोमवार शाम को होशियारपुर के थाना हरियाना में राम कुमार, उसकी पत्नी, उसके गांव के निवासी लड्डू, लड्डू की पत्नी और लुधियाना निवासी राजेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

होशियारपुर के एसएसपी नरिंदर भार्गव ने बताया कि बूटी राम पंचकूला पुलिस से जीरो एफआईआर मिलने के बाद मामले की जांच होशियारपुर को पुलिस सौंपी गई है।

आरोपियों के खिलाफ धारा 195 ए, 506, 120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया है। बूटी राम ने पंचकूला पुलिस को शिकायत दी थी कि अदालत में गवाही देने जाने से एक दिन पहले और उस दिन भी जाते वक्त उसे धमकाया गया और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई।

यह था मामला
21-22 नवंबर 2012 में ज्योति की हत्या के बाद उसका शव सेक्टर-21 में फेंक दिया गया था। बूटी राम की शिकायत पर 22 नवंबर 2012 को सेक्टर-पांच थाने में विधायक सहित 12 लोगों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। आठ जनवरी 2013 को रामकुमार ने कोर्ट में सरेंडर किया था।
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बूटी राम के वकील जितेन्द्र सहरावत ने बताया कि चूंकि विधायक से जुड़ा यह मामला है। उनके राजनीतिक प्रभाव में आकर कुछ लोगों ने शिकायतकर्ता को धमकियां दी हैं, जिनके खिलाफ शिकायत दी गई।
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