बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में इस्तेमाल हुए ट्रक के टायरों की रिपोर्ट पुलिस को सपोर्ट करने वाली आई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सैंपल की जांच के बाद सामने आया कि यह भारी वाहन के अधजले टायरों का ही हिस्सा है।
दरअसल, पुलिस ने दिल्ली के एक संस्थान में वह सैंपल भेजा था, जिसे पुलिस क्लेम कर रही थी कि यह उस ट्रक के टायरों की राख है जिसे ज्योति का सिर कुचलने के लिए इस्तेमाल किया गया और बाद में टायर जला दिए गए।
रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की
इस हत्याकांड में आरोपी परमजीत उर्फ पम्मा ने गिरफ्तार होने के बाद पुलिस को बयान दिया था कि उसने ट्रक के टायर को रामकुमार चौधरी के बद्दी स्थित क्रशर पर जलाए थे।
इसके बाद पुलिस ने मौके पर जाकर वहां से जले टायरों का नमूना लिया था। इसे मधुबन स्थित एफएसएल भेजा गया, लेकिन लैब से कोई स्पष्ट रिजल्ट नहीं दिया गया।
इसके बाद पुलिस ने इसका सैंपल दिल्ली स्थित श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च में भेजा, जहां से अब रिपोर्ट आई है।
तीन पुलिसकर्मियों के बयान हुए
मंगलवार को इस केस से जुडे़ तीन पुलिसकर्मियों के भी बयान हुए। इसमें तत्कालीन पिंजौर थाना प्रभारी भी शामिल थे, जिन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रेड की थी।
डीसीपी अश्विन शेणवी के मुताबिक पुलिस चार्जशीट में कहा गया है कि ज्योति को पहले गला दबाकर मारा गया। उसके बाद ट्रक को चेहरे के ऊपर से गुजारकर कुचलने की कोशिश की गई।
टायरों पर खून के धब्बे हो सकते थे, लेकिन आरोपियों ने टायर जलाकर सबूत को नष्ट किया।