जजनोट कांड में फंसी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की पूर्व जस्टिस निर्मल यादव को मामले की सुनवाई के दौरान स्थाई (परमानेंट) पेशी से छूट मिल गई है।
सीबीआई जज विमल कुमार की अदालत ने शनिवार को निर्मल यादव की अर्जी को मंजूर कर लिया। अदालत ने निर्मल यादव सहित पांच लोगों पर 18 जनवरी को भ्रष्टाचार के आरोप तय किए थे।
सीबीआई अदालत ने पेशी से छूट की अर्जी मंजूर करते हुए पूर्व जस्टिस को आदेश दिए कि अदालत जब कहेगी उन्हें पेश होना पडे़गा।
शनिवार को सुनवाई के दौरान निर्मल यादव सहित तीन आरोपी ही पेश हुए। इनमें वकील संजीव बंसल और प्रापर्टी डीलर राजीव गुप्ता शामिल थे।
दो अन्य आरोपियों दिल्ली के होटलीयर रविंदर भसीन ने बीमारी और निर्मल सिंह ने शादी में जाने की वजह से पेशी से छूट मांगी थी।
सीबीआई के वकील अनुपम गुप्ता ने यह कह कर निर्मल यादव की पेशी से छूट की अर्जी का विरोध किया था कि कानून सबके लिए बराबर है।
दूसरी ओर से निर्मल यादव की ओर से अपनी बीमारियों के बारे में बताते हुए हर सुनवाई पर मौजूद रहने में असमर्थता व्यक्त की गई थी।
संजीव बंसल ने किए तीन वकील
मामले में आरोपी संजीव बंसल ने अदालत को बताया कि उसने और आरोपी राजीव गुप्ता ने मामले में तीन वकील किए हैं।
इनमें से एक वकील को होशियारपुर से आना है। उनके वकीलों को तैयारी के लिए और समय चाहिए। अदालत ने उसके अनुरोध को मंजूर करते हुए मामले की अगली सुनवाई 15 मार्च तय कर दी।
इस तरह केस के ट्रायल के पहले दिन पहुंच छह पुलिस वालों की गवाही दर्ज नहीं हो सकी। गवाही के लिए इंस्पेक्टर रमेश चंद, हेड कांस्टेबल सत्यवीर, बहादुर , कांस्टेबल गुरविंदर और शिकायतकर्ता अमरीक सिंह अदालत पहुंचे थे।