हद हो गई, पति ने अपनी मां के साथ मिलकर पत्नी को मारने के लिए सुपारी दे दी। वजह बनी एक कोठी, फिलहाल महिला जिंदगी और मौत से जूझ रही है। घटना पंजाब के जालंधर की है। करोल बाग में एक महिला ने छोटे बेटे से मिलकर बहू का कत्ल करने के लिए एक लाख में सौदा तय किया। इनमें से उसने 80 हजार उसने खुद रखकर सुपारी किलर को 20 हजार देने थे। गले पर गहरे कट के बावजूद ममता (26) किसी तरह बच गई।
पुलिस ने सास ऊषा, पति प्रदीप और सुपारी किलर कश्मीर सिंह उर्फ सोढी को गिरफ्तार कर लिया है। जौहल अस्पताल में दाखिल ममता की हालत गंभीर बनी हुई है। एडीसीपी सिटी कुलवंत सिंह हीर और एसीपी सतिंदर चड्डा ने बताया कि इस कांड को सुलझाने में सीसीटीवी फुटेज ने अहम रोल अदा किया। करोल बाग की रहने वाले ऊषा के छोटे बेटे ने 30 अक्तूबर 2014 को लुधियाना के महा सिंह नगर वासी ममता से शादी की थी।
कोठी बेचने को लेकर ऊषा और उसकी बहू ममता के बीच ठन गई। प्रदीप मां के साथ मिलकर ममता को परेशान करने लगा। उसे जान से मारने के लिए उसकी मां ने पड़ोसी कश्मीर सिंह सोढी निवासी हिमाचल प्रदेश को तैयार किया जिसने ममता के कत्ल के लिए हामी भर दी। ऊषा ने प्रदीप को बताया कि सोढी एक लाख रुपये में ममता का कत्ल कर देगा। योजना के मुताबिक वीरवार सुबह 9.15 बजे ऊषा का बड़ा बेटा विनोद पत्नी सीमा के साथ कही बाहर चला गया।
घर में ममता, उसकी दो माह की बेटी अदिति, दो साल का बेटा यश, जेठानी का बेटा और पति प्रदीप थे। करीब 10 बजे प्रदीप दोनों बच्चों को लेकर घर से कार में निकल गया। उसके दस मिनट के बाद ममता ने घर का दरवाजा खोला तो सास किसी सोढ़ी के साथ दाखिल हुई। इस दौरान उन्होंने ममता का गला रेत दिया। एसीपी सतिंदर चड्डा ने बताया कि उनको शुरू से ही मां ऊषा के ब्यान संदिग्ध लग रहे थे। ऊषा ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए थे, लेकिन ममता ने मां को बिना बताए चला दिए।
इसमें ऊषा सुपारी किलर सोढी के साथ अंदर जाती दिख रही थी। पुलिस ने बेटे प्रदीप, मां ऊषा व सोढी को गिरफ्तार कर लिया है। मां ऊषा ने बेटे प्रदीप से एक लाख हत्या के लिए लेने थे और आगे सोढ़ी को महज 20 हजार की राशि देनी थी। 80 हजार की राशि खुद बेटे से छुपाकर अपने पास रख लेनी थी। पुलिस ने सीसीटीवी रिकार्डिंग के अलावा वह चाकू भी कब्जे में ले लिया है, जिससे ममता की हत्या की कोशिश की गई।