स्टेट विजिलेंस ब्यूरो करनाल की विशेष टीम ने भिवानी में एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों जहां एक खनन अधिकारी को गिरफ्तार किया है तो वहीं ब्यूरो की टीम ने जींद के नरवाना में सिंचाई विभाग के एक कार्यकारी अभियंता को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है।
स्टेट विजिलेंस ब्यूरो करनाल के प्रभारी इंस्पेक्टर सचिन कुमार ने बताया कि गुरुग्राम के मदनपुरी गली संख्या एक निवासी एमओ भूपेंद्र सिंह ने शिकायत दी थी कि जमीन से मिट्टी उठाने का परमिट देने के नाम पर खनन अधिकारी एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा है। साथ ही नहीं देने पर उत्पीड़न कर रहा है। इसके बाद स्टेट विजिलेंस ब्यूरो करनाल की एक विशेष टीम डीएसपी नरेंद्र कुमार की अगुवाई में गठित की गई। इसके बाद शुक्रवार को भिवानी कार्यालय के बाहर एक लाख रुपये की रिश्वत लेते खनन अधिकारी भूपेंद्र को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
उधर, स्टेट विजिलेंस ब्यूरो जींद की टीम ने सिंचाई विभाग नरवाना के कार्यकारी अभियंता बनारसी दास को गिरफ्तार किया है। जींद जिले के ढाकल गांव निवासी अमित कुमार ठेकेदार है, जो सिंचाई विभाग में निर्माण कार्य कराता है। उसने शिकायत दी कि उसके बकाया बिलों को पास करने के एवज में सिंचाई विभाग नरवाना का कार्यकारी अभियंता बनारसी दास रिश्वत की मांग कर रहा है। इसके बाद स्टेट विजिलेंस जींद शाखा की एक टीम इंस्पेक्टर मनीष कुमार की अगुवाई में गठित की गई।
ठेकेदार अमित ने बताया कि कार्यकारी अभियंता 60 हजार रुपये की रिश्वत देने पर बिलों को पास करने पर राजी हो गया है। रिश्वत के रुपये आज ही देने हैं। टीम ने अपना जाल फैलाया और रिश्वत देते समय कार्यकारी अभियंता को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत के दोनों ही मामलों में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
गुरुग्राम का रहने वाला है खनन अधिकारी
खनन अधिकारी मूलरूप से गुरुग्राम के मदनपुरी का रहने वाला है। आरोपी खनन अधिकारी भूपेंद्र कुमार के खिलाफ हिसार विजिलेंस पुलिस थाना में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ है। फिलहाल विजिलेंस आरोपी से पूछताछ में जुटी है।