पीजी में परिसर में घुसकर छात्रा को अपशब्द बोलने के मामले में पुलिस ने इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के एक कांस्टेबल को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पंचकूला सेक्टर-14 थाने की पुलिस ने कांस्टेबल को न्यायाधीश अस्मिता देसवाल की अदालत में पेश किया। जहां से उसे जमानत मिल गई।
आरोपी पक्ष के वकील विनोद त्रिपाठी के मुताबिक सेक्टर-12 ए के पीजी में रहने वाली एक कॉलेज की छात्रा ने आईआरबी के कर्मी भिवानी निवासी सचिन कुमार पर आरोप लगाया था कि वह शनिवार रात को उनके पीजी में घुस आया। पूछताछ करते हुए उसने बुरी नजर से उन्हें अपशब्द कहे।
उन्होंने बताया कि सेक्टर-14 थाना पुलिस ने छात्रा के बयान पर उपरोक्त आरोपी के खिलाफ धारा 451 और 509 के तहत मामला दर्ज किया था। गिरफ्तारी के बाद बुधवार शाम को उसे अदालत में पेश किया गया। जहां उसे जमानत मिल गई है। एफआईआर में छात्रा ने किसी प्रकार से फोन पर बातचीत या परेशान करने से संबंधित कोई शिकायत नहीं दी है।
क्या गेट फांदकर आया आईआरबी कर्मी
गौरतलब है कि आईआरबी के कांस्टेबल पर फ्रेंडशिप ऑफर देने और कई बार फोन पर धमकाने की चर्चा भी सामने आई थी। लेकिन शिकायतकर्ता छात्रा ने इस बात से साफ इंकार किया है कि उन्हें कांस्टेबल ने कभी फोन नहीं था। छात्रा ने बताया कि शनिवार को रात सवा 10 बजे वह अपने पीजी में थी। मेन गेट पर भीतर से ताला लगाया हुआ था। इसी दौरान किसी ने गेट के भीतर दरवाजा खटखटाया।
आरोप है कि बाहर जो व्यक्ति था उसने अनाप-शनाप पूछताछ शुरू कर दी। तभी उनकी नजर मेन गेट पर गई। वहां ताला लगा हुआ था। गेट पर लगे ताले और आईआरबी के कर्मी की मोबाइल पर वीडियो रिकार्डिंग की। यह देख आईआरबी के कर्मी ने धौंस जमाते हुए कहा कि करो-करो रिकार्डिंग करो मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा। जो बिगड़ेगा वह तुम्हारा ही बिगड़ने वाला है।
उन्होंने बताया वह समझ नहीं पा रही थी कि क्या करे। इसके बाद उन्होंने एक मीडिया कर्मी से संपर्क किया और उनकी मदद से पुलिस कमिश्नर को जानकारी देते हुए आईआरबी के कर्मी की रिकार्डिंग दिखाई। बता दें कि इस रिकार्डिंग में सिर्फ कर्मी और गेट दिखाई दे रहा है। डीसीपी अनिल धवन के मुताबिक मामले की जांच जारी है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
उन्होंने बताया कि जिस रात की वीडियो रिकार्डिंग छात्रा ने पुलिस को दी है। उस रात आईआरबी का कर्मी ड्यूटी पर था। पेट्रोलिंग के दौरान ऐसा क्या हुआ जिस कारण कर्मी को घर में घुसकर पूछताछ करने की नौबत आई। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। गौरतलब है कि इसकी जांच थाना सेक्टर-14 के उपनिरीक्षक अमरजीत सिंह को सौंपी गई है।