फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चावल एक्सपोर्ट के नाम पर चंदन तस्करी

Wed, 25 Feb 2015 05:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
विज्ञापन
विज्ञापन
चावल एक्सपोर्ट के नाम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चंदन तस्करी करने का हरियाणा पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। तस्करी के नकली कागजात तैयार करने वाले बदमाश सुमित को करनाल सिटी थाना पुलिस ने गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन


करनाल की एक नामी फर्म के नकली कागजात तैयार करके इस धंधे को अंजाम दिया जा रहा था। कागजात चावल के होते थे और कंटेनरों में होती थी चंदन की लड़की। करीब पांच करोड़ रुपये की लकड़ी से भरा एक कंटेनर दुबई भेजा जा चुका है, जबकि दूसरा कंटेनर पकड़ा गया है।

मामले के जांच अधिकारी एएसआई नरेश कुमार ने बताया कि पुलिस पूछताछ में सुमित ने खुलासा किया है कि इस गिरोह में कई अन्य लोग भी हैं और इसके तार दूर तक जुड़े हुए हैं। वह केवल कंटेनर की कस्टम ड्यूटी क्लीयर कराता था और इसके बदले उसे प्रति कंटेनर आठ से दस लाख रुपये मिलते थे। धंधे को यूपी के गाजीपुर का निवासी बिल्लू अंजाम देता है। वही उसको चंदन की लकड़ी उपलब्ध कराता था।
विज्ञापन


गाजियाबाद के गांव लोहनी निवासी और बीए के छात्र सुमित ने बताया कि वह लोहनी गाजियाबाद स्थित आईसीडी (इनलैंड कंटेनर डिपो) में जाता रहता था, जिससे उसकी कर्मचारियों से जान पहचान हो गई। वहीं से उसने करनाल की नामी फर्म आरपी बासमती राइस लिमिटेड के नाम के फर्जी कागजात तैयार करके दो कंटेनर दुबई के लिए बुक किए थे, इनमें से एक कंटेनर तो दुबई पहुंच गया, जबकि दूसरा कंटेनर पकड़ा गया।

चावल के नाम पर चंदन एक्सपोर्ट करने के लिए उसने दो फर्जी मेल आईडी भी बनाई थी। इसी दौरान आरपी बासमती के मालिक राजपाल सिंघल की शिकायत पर सिटी थाना पुलिस व डीआरआई (डायरेक्टर रेवैन्यु इंवेस्टीगेशन) नोएडा के एसपी रेंक के अधिकारी ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
विज्ञापन

पूरा गिरोह यूपी से ऑपरेट किया जा रहा था

डीआरआई ने 30 दिसंबर, 14 को उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद वह 12 फरवरी, 15 तक मेरठ जेल में रहा। क्योंकि मामला सिटी थाने में भी दर्ज था इसलिए सोमवार को एएसआई नरेश कुमार ने आरोपी को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया।

ये है मामला
14 जून 2014 को आरपी बासमती राइस लिमिटेड के चेयरमैन राजपाल सिंघल ने सिटी थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि कई लोग मिलकर उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं और उनको बदनाम करने के लिए उनकी फर्म के फर्जी कागजात तैयार करके गलत काम कर रहे हैं। पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। करीब आठ माह से ही मामले की जांच चल रही थी।

गाजियाबाद से पकड़े गए कंटेनर में चार करोड़ 42 लाख रुपये की चंदन की लाल लकड़ी पकड़ी गई है। जो डीआरआई नोएडा के कब्जे में है। इसके अलावा जो कंटेनर दुबई भेजा गया है, उसमें भी करीब पांच करोड़ रुपये की लकड़ी थी। काबिलेगौर है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक किलो लकड़ी की कीमत हजारों रुपये होती है। गिरोह के सदस्य कंटेनर के अंदर लकड़ी डालते थे और उसके ऊपर चावल के पैकेट रखते थे, ताकि किसी को शक न हो। एक कंटेनर के अंदर करीब 100 क्विंटल चंदन की लकड़ी थी।

मामले के जांच अधिकारी एएसआई नरेश कुमार व थाना प्रभारी श्रीदत्त ने बताया कि एक कंटेनर डीआरआई नोएडा के कब्जे में है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है, पूरा गिरोह यूपी से ऑपरेट किया जा रहा था। अगर जरूरत पड़ी तो लकड़ी को करनाल भी लाया जा सकता है। आरोपी सुमित को अदालत ने जेल भेज दिया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें