चंडीगढ़ से बड़ी खबर आ रही है। यहां एक कपड़ा व्यापारी के घर में छापे के दौरान दो करोड़ 19 लाख रुपये के नोट बरामद किए गए। बरामद रकम में 69 लाख की नई करेंसी है। बाकी बाकी की करेंसी पुराने नोटों में है, जिनमें 1000, 500, 100 और 50 के नोट शामिल हैं।
प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने उक्त छापेमारी की और पूरी रकम को जब्त कर दिया। हवाला का पैसा होने का शक जताया जा रहा है। इंद्रपाल महाजन को गिरफ्तार कर लिया गया है। सेक्टर 17 थान में उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक छापामारी सेक्टर 22बी स्थित मकान नंबर 1435 में की गई। छापामारी देर रात तक चली। इस दौरान मिला इतना सारा पैसा देखकर अफसरों के होश उड़ गए। खबर लिखे जाने तक जांच चल रही है। इंद्रपाल का सेक्टर 30 में क्लॉथ हाउस है।
ED seizes Rs 2.18 crore in Chandigarh - new currency worth Rs 17.74 lakhs and Rs 100 notes worth Rs 52 lakh. pic.twitter.com/eqgLeoli5E
— ANI (@ANI_news) December 14, 2016
चंडीगढ़ में पहले 42 लाख के नकली नोट मिले थे
मोहाली में नकली नोट छापने वाले गैंग का मास्टरमाइंड अभिनव वर्मा
नोट पकड़े जाने का मामला चंडीगढ़ में पहली बार सामने नहीं आया। इससे पहले आर्मी फैमिली से संबंध रखने वाले 21 साल के बीटेक स्टूडेंट अभिनव वर्मा और उसकी छोटी बहन विशाखा के पास से मोहाली पुलिस ने 42 लाख रुपए के नकली नोट जब्त किए थे।
लुधियाना निवासी बिचौलिया सुमन नागपाल भी गाड़ी में बैठा था जो ग्राहक लेकर आता था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। खास बात है कि जाली नोट कांड का मास्टरमाइंड ढकौली निवासी अभिनव मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने वालों की लिस्ट में है।
अभिनव ने ब्लाइंड लोगों के लिए एक ऐसी टेक्नीक डेवलप की थी,जिससे उन्हें स्टिक का सहारा नहीं लेना पड़ता।
एचडीएफसी के तीन मैनेजर हो चुके हैं बर्खास्त
नकली नोट बनाने वाला गिरोह पकड़ा
हाल ही में चंडीगढ़ में एचडीएफसी की सेक्टर-15 स्थित ब्रांच मैनेजर दिनेश नागपाल यह गोरखधंधा करते पकड़ गए थे। उनके साथ बैंक के तीन कर्मचारी भी शामिल थे। हालांकि, बैंक ने मामले को दबाने के लिए इसकी सूचना पुलिस को भी नहीं दी है। बैंक की ओर से तीन अन्य कर्मचारी, जिन्हें नौकरी से निकाला गया है, उनके नाम भी नहीं बताए।